अमृत वेले का हुक्मनामा – 22 मई 2026
अंग : 703 जैतसरी महला ९ ॥ हरि जू राखि लेहु पति मेरी ॥ जम को त्रास भइओ उर अंतरि सरनि गही किरपा निधि तेरी ॥१॥ रहाउ ॥ महा पतित...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 22 मई 2026
अंग : 671 धनासरी मः ५ ॥ जब ते दरसन भेटे साधू भले दिनस ओइ आए ॥ महा अनंदु सदा करि कीरतनु पुरख बिधाता पाए ॥१॥ अब मोहि राम जसो...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 22 मई 2026
अंग : 709 सलोक ॥ संत उधरण दइआलं आसरं गोपाल कीरतनह ॥ निरमलं संत संगेण ओट नानक परमेसुरह ॥१॥ चंदन चंदु न सरद रुति मूलि न मिटई घांम ॥ सीतलु...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 21 मई 2026
अंग : 661 धनासरी महला १ ॥ नदरि करे ता सिमरिआ जाइ ॥ आतमा द्रवै रहै लिव लाइ ॥ आतमा परातमा एको करै ॥ अंतर की दुबिधा अंतरि मरै ॥१॥...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 21 मई 2026
अंग : 694 धनासरी, भगत रवि दास जी की ੴ सतिगुर परसाद हम सरि दीनु दइआल न तुम सरि अब पतिआरू किया कीजे ॥ बचनी तोर मोर मनु माने जन...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 20 मई 2026
अंग : 646 सलोकु मः ३ ॥ सेखा चउचकिआ चउवाइआ एहु मनु इकतु घरि आणि ॥ एहड़ तेहड़ छडि तू गुर का सबदु पछाणु ॥ सतिगुर अगै ढहि पउ सभु...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 19 मई 2026
अंग : 711 टोडी महला ५ घरु १ दुपदे ॥ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ संतन अवर न काहू जानी ॥ बेपरवाह सदा रंगि हरि कै जा को पाखु सुआमी ॥...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 18 मई 2026
अंग : 645 सलोकु मः ३ ॥ सतिगुर ते जो मुह फिरे से बधे दुख सहाहि ॥ फिरि फिरि मिलणु न पाइनी जमहि तै मरि जाहि ॥ सहसा रोगु न...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 17 मई 2026
अंग : 675 धनासरी महला ५ ॥ दीन दरद निवारि ठाकुर राखै जन की आपि ॥ तरण तारण हरि निधि दूखु न सकै बिआपि ॥१॥ साधू संगि भजहु गुपाल ॥...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 17 मई 2026
अंग : 676 धनासरी महला ५ ॥ फिरत फिरत भेटे जन साधू पूरै गुरि समझाइआ ॥ आन सगल बिधि कांमि न आवै हरि हरि नामु धिआइआ ॥१॥ ता ते मोहि...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 16 मई 2026
अंग : 692 जो जनु भाउ भगति कछु जानै ता कउ अचरजु काहो ॥ जिउ जलु जल महि पैसि न निकसै तिउ ढुरि मिलिओ जुलाहो ॥१॥ हरि के लोगा मै...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 16 मई 2026
अंग : 696 जो जनु भाउ भगति कछु जानै ता कउ अचरजु काहो ॥ जिउ जलु जल महि पैसि न निकसै तिउ ढुरि मिलिओ जुलाहो ॥१॥ हरि के लोगा मै...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 15 मई 2026
अंग : 696 जैतसरी महला ४ घरु १ चउपदे ੴसतिगुर प्रसादि ॥ मेरै हीअरै रतनु नामु हरि बसिआ गुरि हाथु धरिओ मेरै माथा ॥ जनम जनम के किलबिख दुख उतरे...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 14 मई 2026
अंग : 698 जैतसरी महला ४ घरु २ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ हरि हरि सिमरहु अगम अपारा ॥ जिसु सिमरत दुखु मिटै हमारा ॥ हरि हरि सतिगुरु पुरखु मिलावहु गुरि...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 14 मई 2026
अंग : 742 सूही महला ५ ॥ अनिक बींग दास के परहरिआ ॥ करि किरपा प्रभि अपना करिआ ॥१॥ तुमहि छडाइ लीओ जनु अपना ॥ उरझि परिओ जालु जगु सुपना...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 13 मई 2026
अंग : 702 जैतसरी महला ५ ॥ आए अनिक जनम भ्रमि सरणी ॥ उधरु देह अंध कूप ते लावहु अपुनी चरणी ॥१॥ रहाउ ॥ गिआनु धिआनु किछु करमु न जाना...
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