संधिआ वेले का हुक्मनामा – 29 अप्रैल 2024
सोरठि महला ५ ॥ सतिगुर पूरे भाणा ॥ ता जपिआ नामु रमाणा ॥ गोबिंद किरपा धारी ॥ प्रभि राखी पैज हमारी ॥१॥ हरि के चरन सदा सुखदाई ॥ जो इछहि...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 10 अगस्त 2026
अंग : 620 सोरठि महला ५ ॥ मेरा सतिगुरु रखवाला होआ ॥ धारि क्रिपा प्रभ हाथ दे राखिआ हरि गोविदु नवा निरोआ ॥१॥ रहाउ ॥ तापु गइआ प्रभि आपि मिटाइआ...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 16 नवंबर 2022
सूही महला ४ घरु ६ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ नीच जाति हरि जपतिआ उतम पदवी पाइ ॥ पूछहु बिदर दासी सुतै किसनु उतरिआ घरि जिसु जाइ ॥१॥ हरि की अकथ...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 09 अप्रैल 2025
अंग : 518 सलोक मः ५ ॥ साजन तेरे चरन की होइ रहा सद धूरि ॥ नानक सरणि तुहारीआ पेखउ सदा हजूरि ॥१॥ मः ५ ॥पतित पुनीत असंख होहि हरि...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 11 मार्च 2024
गूजरी महला ३ ॥ तिसु जन सांति सदा मति निहचल जिस का अभिमानु गवाए ॥ सो जनु निरमलु जि गुरमुखि बूझै हरि चरणी चितु लाए ॥१॥ हरि चेति अचेत मना...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 6 दसंबर 2023
धनासरी महला ५ घरु १२ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ बंदना हरि बंदना गुण गावहु गोपाल राइ ॥ रहाउ ॥ वडै भागि भेटे गुरदेवा ॥ कोटि पराध मिटे हरि सेवा ॥१॥...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 16 नवंबर 2022
धनासरी महला ४ ॥ मेरे साहा मै हरि दरसन सुखु होइ ॥ हमरी बेदनि तू जानता साहा अवरु किआ जानै कोइ ॥ रहाउ ॥ साचा साहिबु सचु तू मेरे साहा...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 27 जनवरी 2023
जैतसरी महला ४ घरु २ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ हरि हरि सिमरहु अगम अपारा ॥ जिसु सिमरत दुखु मिटै हमारा ॥ हरि हरि सतिगुरु पुरखु मिलावहु गुरि मिलिऐ सुखु होई...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 09 अक्तूबर 2025
अंग : 683 धनासरी महला ५ घरु १२ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ बंदना हरि बंदना गुण गावहु गोपाल राइ ॥ रहाउ ॥ वडै भागि भेटे गुरदेवा ॥ कोटि पराध मिटे...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 08 जनवरी 2026
अंग : 656 रागु सोरठि बाणी भगत कबीर जी की घरु १ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ संतहु मन पवनै सुखु बनिआ ॥ किछु जोगु परापति गनिआ ॥ रहाउ ॥ गुरि...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 28 मार्च 2026
अंग : 746 रागु सूही महला ५ घरु ५ पड़ताल ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ प्रीति प्रीति गुरीआ मोहन लालना ॥ जपि मन गोबिंद एकै अवरु नही को लेखै संत लागु...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 21 मार्च 2024
धनासरी महला ५ ॥ त्रिपति भई सचु भोजनु खाइआ ॥ मनि तनि रसना नामु धिआइआ ॥१॥ जीवना हरि जीवना ॥ जीवनु हरि जपि साधसंगि ॥१॥ रहाउ ॥ अनिक प्रकारी बसत्र...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 03 जून 2026
अंग : 828 बिलावलु महला ५ ॥ जिउ भावै तिउ मोहि प्रतिपाल ॥ पारब्रहम परमेसर सतिगुर हम बारिक तुम्ह पिता किरपाल ॥१॥ रहाउ ॥ मोहि निरगुण गुणु नाही कोई पहुचि...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 10 सतंबर 2023
धनासरी महला १ ॥ जीवा तेरै नाइ मनि आनंदु है जीउ ॥ साचो साचा नाउ गुण गोविंदु है जीउ ॥ गुर गिआनु अपारा सिरजणहारा जिनि सिरजी तिनि गोई ॥ परवाणा...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 14 जून 2026
अंग : 713 टोडी महला ५ ॥ सतिगुर आइओ सरणि तुहारी ॥ मिलै सूखु नामु हरि सोभा चिंता लाहि हमारी ॥१॥ रहाउ ॥ अवर न सूझै दूजी ठाहर हारि परिओ...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 18 फरवरी 2025
बैराड़ी महला ४ ॥ हरि जनु राम नाम गुन गावै ॥ जे कोई निंद करे हरि जन की अपुना गुनु न गवावै ॥१॥ रहाउ ॥ जो किछु करे सु आपे...
Next Page ›