अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 13 मई 2025
अंग : 891 रामकली महला ५ ॥ बीज मंत्रु हरि कीरतनु गाउ ॥ आगै मिली निथावे थाउ ॥ गुर पूरे की चरणी लागु ॥ जनम जनम का सोइआ जागु ॥१॥...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 04 मई 2026
अंग : 483 आसा स्री कबीर जीउ के दुपदे ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ हीरै हीरा बेधि पवन मनु सहजे रहिआ समाई ॥ सगल जोति इनि हीरै बेधी सतिगुर बचनी मै...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 7 सतंबर 2023
रागु धनासिरी महला ३ घरु ४ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ हम भीखक भेखारी तेरे तू निज पति है दाता ॥ होहु दैआल नामु देहु मंगत जन कंउ सदा रहउ रंगि...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 3 दसंबर 2022
धनासरी महला ५ ॥ जिस कउ बिसरै प्रानपति दाता सोई गनहु अभागा ॥ चरन कमल जा का मनु रागिओ अमिअ सरोवर पागा ॥१॥ तेरा जनु राम नाम रंगि जागा ॥...




संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 20 फरवरी 2025
सलोकु मः ३ ॥ परथाए साखी महा पुरख बोलदे साझी सगल जहानै ॥ गुरमुखि होए सु भउ करे आपणा आपु पछाणै ॥ गुर परसादी जीवतु मरै ता मन ही ते...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 25 अक्तूबर 2022
सलोक ॥ राज कपटं रूप कपटं धन कपटं कुल गरबतह ॥ संचंति बिखिआ छलं छिद्रं नानक बिनु हरि संगि न चालते ॥१॥ पेखंदड़ो की भुलु तुमा दिसमु सोहणा ॥ अढु...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 03 फरवरी 2023
धनासरी महला १ ॥ जीवा तेरै नाइ मनि आनंदु है जीउ ॥ साचो साचा नाउ गुण गोविंदु है जीउ ॥ गुर गिआनु अपारा सिरजणहारा जिनि सिरजी तिनि गोई ॥ परवाणा...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 15 अप्रैल 2024
रामकली महला ५ ॥ काहू बिहावै रंग रस रूप ॥ काहू बिहावै माइ बाप पूत ॥ काहू बिहावै राज मिलख वापारा ॥ संत बिहावै हरि नाम अधारा ॥१॥ रचना साचु...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 2 अगस्त 2024
धनासरी महला ५ ॥ मोहि मसकीन प्रभु नामु अधारु ॥ खाटण कउ हरि हरि रोजगारु ॥ संचण कउ हरि एको नामु ॥ हलति पलति ता कै आवै काम ॥१॥ नामि...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 19 दसंबर 2022
धनासरी महला ५ ॥ जिस कउ बिसरै प्रानपति दाता सोई गनहु अभागा ॥ चरन कमल जा का मनु रागिओ अमिअ सरोवर पागा ॥१॥ तेरा जनु राम नाम रंगि जागा ॥...




संधिआ वेले का हुक्मनामा – 19 फरवरी 2023
सोरठि महला ५ ॥ नालि नराइणु मेरै ॥ जमदूतु न आवै नेरै ॥ कंठि लाइ प्रभ राखै ॥ सतिगुर की सचु साखै ॥१॥ गुरि पूरै पूरी कीती ॥ दुसमन मारि...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 28 अगस्त 2023
जैतसरी महला ५ ॥ आए अनिक जनम भ्रमि सरणी ॥ उधरु देह अंध कूप ते लावहु अपुनी चरणी ॥१॥ रहाउ ॥ गिआनु धिआनु किछु करमु न जाना नाहिन निरमल करणी...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 6 नवंबर 2022
धनासरी महला ५ ॥ फिरत फिरत भेटे जन साधू पूरै गुरि समझाइआ ॥ आन सगल बिधि कांमि न आवै हरि हरि नामु धिआइआ ॥१॥ ता ते मोहि धारी ओट गोपाल...




संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 30 सितंबर 2025
अंग : 658 रागु सोरठि बानी भगत रविदास जी की ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ दुलभ जनमु पुंन फल पाइओ बिरथा जात अबिबेकै ॥ राजे इंद्र समसरि ग्रिह आसन बिनु हरि...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 14 मार्च 2025
रागु सोरठि बाणी भगत कबीर जी की घरु १ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ संतहु मन पवनै सुखु बनिआ ॥ किछु जोगु परापति गनिआ ॥ रहाउ ॥ गुरि दिखलाई मोरी ॥...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 19 नवंबर 2023
धनासरी महला ४ ॥ मेरे साहा मै हरि दरसन सुखु होइ ॥ हमरी बेदनि तू जानता साहा अवरु किआ जानै कोइ ॥ रहाउ ॥ साचा साहिबु सचु तू मेरे साहा...





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