संधिआ वेले का हुक्मनामा – 22 जुलाई 2025
अंग : 707 सलोक ॥ बसंति स्वरग लोकह जितते प्रिथवी नव खंडणह ॥ बिसरंत हरि गोपालह नानक ते प्राणी उदिआन भरमणह ॥१॥ कउतक कोड तमासिआ चिति न आवसु नाउ ॥...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 8 नवंबर 2022
सोरठि महला ९ ॥ मन रे प्रभ की सरनि बिचारो ॥ जिह सिमरत गनका सी उधरी ता को जसु उर धारो ॥१॥ रहाउ ॥ अटल भइओ ध्रूअ जा कै सिमरनि...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 29 दिसंबर 2025
अंग : 547 बिहागड़ा महला ५ छंत ॥ सुनहु बेनंतीआ सुआमी मेरे राम ॥ कोटि अप्राध भरे भी तेरे चेरे राम ॥ दुख हरन किरपा करन मोहन कलि कलेसह भंजना...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 23 मार्च 2024
सोरठि महला ५ ॥ गुर अपुने बलिहारी ॥ जिनिपूरन पैज सवारी ॥ मन चिंदिआ फलु पाइआ ॥ प्रभु अपुना सदा धिआइआ ॥१॥ संतहु तिसु बिनुअवरु न कोई ॥ करण कारण...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 18 अप्रैल 2023
सोरठि महला ५ ॥ सतिगुर पूरे भाणा ॥ ता जपिआ नामु रमाणा ॥ गोबिंद किरपा धारी ॥ प्रभि राखी पैज हमारी ॥१॥ हरि के चरन सदा सुखदाई ॥ जो इछहि...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 11 मार्च 2026
अंग : 549 सलोक मः ३ ॥ मनि परतीति न आईआ सहजि न लगो भाउ ॥ सबदै सादु न पाइओ मनहठि किआ गुण गाइ ॥ नानक आइआ सो परवाणु है...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 14 सतंबर 2024
सलोकु मः ३ सतिगुर की सेवा सफलु है जे को करे चितु लाइ ॥ मनि चिंदिआ फलु पावणा हउमै विचहु जाइ ॥ बंधन तोड़ै मुकति होइ सचे रहै समाइ ॥...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 12 नवंबर 2022
धनासरी महला ५ ॥ मोहि मसकीन प्रभु नामु अधारु ॥ खाटण कउ हरि हरि रोजगारु ॥ संचण कउ हरि एको नामु ॥ हलति पलति ता कै आवै काम ॥१॥ नामि...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 20 मार्च 2026
अंग : 709 सलोक ॥ संत उधरण दइआलं आसरं गोपाल कीरतनह ॥ निरमलं संत संगेण ओट नानक परमेसुरह ॥१॥ चंदन चंदु न सरद रुति मूलि न मिटई घांम ॥ सीतलु...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 5 फरवरी 2025
सोरठि महला ५ घरु २ दुपदे ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ सगल बनसपति महि बैसंतरु सगल दूध महि घीआ ॥ ऊच नीच महि जोति समाणी घटि घटि माधउ जीआ ॥१॥ संतहु...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 9 फरवरी 2024
सोरठि महला ४ ॥ आपे कंडा आपि तराजी प्रभि आपे तोलि तोलाइआ ॥ आपे साहु आपे वणजारा आपे वणजु कराइआ ॥ आपे धरती साजीअनु पिआरै पिछै टंकु चड़ाइआ ॥१॥ मेरे...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 18 मार्च 2023
धनासरी महला ४ ॥ कलिजुग का धरमु कहहु तुम भाई किव छूटह हम छुटकाकी ॥ हरि हरि जपु बेड़ी हरि तुलहा हरि जपिओ तरै तराकी ॥१॥ हरि जी लाज रखहु...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 23 फरवरी 2024
धनासरी महला ३ ॥ सदा धनु अंतरि नामु समाले ॥ जीअ जंत जिनहि प्रतिपाले ॥ मुकति पदारथु तिन कउ पाए ॥ हरि कै नामि रते लिव लाए ॥१॥ गुर सेवा...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 24 दिसंबर 2025
अंग : 626 सोरठि महला ५ ॥ गुर अपुने बलिहारी ॥ जिनिपूरन पैज सवारी ॥ मन चिंदिआ फलु पाइआ ॥ प्रभु अपुना सदा धिआइआ ॥१॥ संतहु तिसु बिनुअवरु न कोई...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 22 अप्रैल 2024
आसा महला ४ छंत ॥ वडा मेरा गोविंदु अगम अगोचरु आदि निरंजनु निरंकारु जीउ ॥ ता की गति कही न जाई अमिति वडिआई मेरा गोविंदु अलख अपार जीउ ॥ गोविंदु...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 3 नवंबर 2022
धनासरी महला ५ ॥ जिस कउ बिसरै प्रानपति दाता सोई गनहु अभागा ॥ चरन कमल जा का मनु रागिओ अमिअ सरोवर पागा ॥१॥ तेरा जनु राम नाम रंगि जागा ॥...
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