अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 5 अप्रैल 2024
सलोकु मः ३ ॥ सतिगुर ते जो मुह फिरे से बधे दुख सहाहि ॥ फिरि फिरि मिलणु न पाइनी जमहि तै मरि जाहि ॥ सहसा रोगु न छोडई दुख ही...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 12 दसंबर 2023
गूजरी महला ५ ॥ कबहू हरि सिउ चीतु न लाइओ ॥ धंधा करत बिहानी अउधहि गुण निधि नामु न गाइओ ॥१॥ रहाउ ॥ कउडी कउडी जोरत कपटे अनिक जुगति करि...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 8 दसंबर 2024
सोरठि महला ५ ॥ विचि करता पुरखु खलोआ ॥ वालु न विंगा होआ ॥ मजनु गुर आंदा रासे ॥ जपि हरि हरि किलविख नासे ॥१॥ संतहु रामदास सरोवरु नीका ॥...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 15 मई 2026
अंग : 696 जैतसरी महला ४ घरु १ चउपदे ੴसतिगुर प्रसादि ॥ मेरै हीअरै रतनु नामु हरि बसिआ गुरि हाथु धरिओ मेरै माथा ॥ जनम जनम के किलबिख दुख उतरे...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 10 नवंबर 2025
अंग : 494 ੴ सतिगुर प्रसादि गूजरी महला ४ घरु ३ माई बाप पुत्र सभि हरि के कीए ॥ सभना कउ सनबंधु हरि करि दीए ॥१॥ हमरा जोरु सभु रहिओ...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 16 जुलाई 2023
धनासरी महला ४ ॥ मेरे साहा मै हरि दरसन सुखु होइ ॥ हमरी बेदनि तू जानता साहा अवरु किआ जानै कोइ ॥ रहाउ ॥ साचा साहिबु सचु तू मेरे साहा...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 28 सितंबर 2025
अंग : 706 सलोक ॥ मन इछा दान करणं सरबत्र आसा पूरनह ॥ खंडणं कलि कलेसह प्रभ सिमरि नानक नह दूरणह ॥१॥ हभि रंग माणहि जिसु संगि तै सिउ लाईऐ...




संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 07 अगस्त 2025
अंग : 684 धनासरी महला ५ ॥ त्रिपति भई सचु भोजनु खाइआ ॥ मनि तनि रसना नामु धिआइआ ॥१॥ जीवना हरि जीवना ॥ जीवनु हरि जपि साधसंगि ॥१॥ रहाउ ॥...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 25 दसंबर 2022
वडहंसु महला ४ ॥ हरि किरपा हरि किरपा करि सतिगुरु मेलि सुखदाता राम ॥ हम पूछह हम पूछह सतिगुर पासि हरि बाता राम ॥ सतिगुर पासि हरि बात पूछह जिनि...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 17 मार्च 2026
अंग : 636 सोरठि महला १ ॥ जिन्ही सतिगुरु सेविआ पिआरे तिन्ह के साथ तरे ॥ तिन्हा ठाक न पाईऐ पिआरे अम्रित रसन हरे ॥ बूडे भारे भै बिना पिआरे...




संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 27 सितंबर 2025
अंग : 732 सूही महला ४ ॥ हरि हरि करहि नित कपटु कमावहि हिरदा सुधु न होई ॥ अनदिनु करम करहि बहुतेरे सुपनै सुखु न होई ॥१॥ गिआनी गुर बिनु...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 13 फरवरी 2023
रागु सोरठि बाणी भगत रविदास जी की ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ जउ हम बांधे मोह फास हम प्रेम बधनि तुम बाधे ॥ अपने छूटन को जतनु करहु हम छूटे तुम...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 22 जुलाई 2025
अंग : 696 जैतसरी महला ४ घरु १ चउपदे ੴसतिगुर प्रसादि ॥ मेरै हीअरै रतनु नामु हरि बसिआ गुरि हाथु धरिओ मेरै माथा ॥ जनम जनम के किलबिख दुख उतरे...




संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 13 नवंबर 2025
अंग : 613 सोरठि महला ५ ॥ राजन महि राजा उरझाइओ मानन महि अभिमानी ॥ लोभन महि लोभी लोभाइओ तिउ हरि रंगि रचे गिआनी ॥१॥ हरि जन कउ इही सुहावै...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 27 मई 2024
धनासरी महला ५ ॥ पानी पखा पीसउ संत आगै गुण गोविंद जसु गाई ॥ सासि सासि मनु नामु सम्हारै इहु बिस्राम निधि पाई ॥१॥ तुम्ह करहु दइआ मेरे साई ॥...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 6 फरवरी 2024
गूजरी महला ३ ॥ तिसु जन सांति सदा मति निहचल जिस का अभिमानु गवाए ॥ सो जनु निरमलु जि गुरमुखि बूझै हरि चरणी चितु लाए ॥१॥ हरि चेति अचेत मना...





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