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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 1 सतंबर 2023
रामकली महला ५ ॥ भेटत संगि पारब्रहमु चिति आइआ ॥ संगति करत संतोखु मनि पाइआ ॥ संतह चरन माथा मेरो पउत ॥ अनिक बार संतह डंडउत ॥१॥ इहु मनु संतन...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 05 जनवरी 2026
अंग : 830 रागु बिलावलु महला ५ घरु १३ पड़ताल ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ मोहन नीद न आवै हावै हार कजर बसत्र अभरन कीने ॥ उडीनी उडीनी उडीनी ॥ कब...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 05 अगस्त 2025
अंग : 630 सोरठि महला ५ ॥ सरब सुखा का दाता सतिगुरु ता की सरनी पाईऐ ॥ दरसनु भेटत होत अनंदा दूखु गइआ हरि गाईऐ ॥१॥ हरि रसु पीवहु भाई...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 22 दसंबर 2023
रागु सोरठि बाणी भगत कबीर जी की घरु १ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ संतहु मन पवनै सुखु बनिआ ॥ किछु जोगु परापति गनिआ ॥ रहाउ ॥ गुरि दिखलाई मोरी ॥...




संधिआ वेले का हुक्मनामा – 11 मार्च 2023
सोरठि महला ९ ॥ प्रीतम जानि लेहु मन माही ॥ अपने सुख सिउ ही जगु फांधिओ को काहू को नाही ॥१॥ रहाउ ॥ सुख मै आनि बहुतु मिलि बैठत रहत...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 26 फरवरी 2023
धनासरी महला ५ ॥ जिनि तुम भेजे तिनहि बुलाए सुख सहज सेती घरि आउ ॥ अनद मंगल गुन गाउ सहज धुनि निहचल राजु कमाउ ॥१॥ तुम घरि आवहु मेरे मीत...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 20 जुलाई 2026
अंग : 729 सूही महला १ घरु ६ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ उजलु कैहा चिलकणा घोटिम कालड़ी मसु ॥ धोतिआ जूठि न उतरै जे सउ धोवा तिसु ॥१॥ सजण सेई...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 21 मार्च 2025
ਅੰਗ : 700 जैतसरी महला ५ घरु ३ दुपदे* *ੴ सतिगुर प्रसादि ॥* *देहु संदेसरो कहीअउ प्रिअ कहीअउ ॥ बिसमु भई मै बहु बिधि सुनते कहहु सुहागनि सहीअउ ॥१॥ रहाउ...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 04 जुलाई 2026
अंग : 626 सोरठि महला ५ ॥ गुर अपुने बलिहारी ॥ जिनिपूरन पैज सवारी ॥ मन चिंदिआ फलु पाइआ ॥ प्रभु अपुना सदा धिआइआ ॥१॥ संतहु तिसु बिनुअवरु न कोई...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 28 अगस्त 2026
अंग : 671 धनासरी महला ५ ॥ जिस का तनु मनु धनु सभु तिस का सोई सुघड़ु सुजानी ॥ तिन ही सुणिआ दुखु सुखु मेरा तउ बिधि नीकी खटानी ॥१॥...




संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 06 नवंबर 2025
अंग : 739 सूही महला ५ ॥ लालनु राविआ कवन गती री ॥ सखी बतावहु मुझहि मती री ॥१॥ सूहब सूहब सूहवी ॥ अपने प्रीतम कै रंगि रती ॥१॥ रहाउ...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 28 अक्तूबर 2025
अंग : 703 जैतसरी महला ९ ॥ हरि जू राखि लेहु पति मेरी ॥ जम को त्रास भइओ उर अंतरि सरनि गही किरपा निधि तेरी ॥१॥ रहाउ ॥ महा पतित...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 1 अप्रैल 2023
सोरठि महला ५ ॥ सतिगुर पूरे भाणा ॥ ता जपिआ नामु रमाणा ॥ गोबिंद किरपा धारी ॥ प्रभि राखी पैज हमारी ॥१॥ हरि के चरन सदा सुखदाई ॥ जो इछहि...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 29 सतंबर 2024
सोरठि महला ५ ॥ गई बहोड़ु बंदी छोड़ु निरंकारु दुखदारी ॥ करमु न जाणा धरमु न जाणा लोभी माइआधारी ॥ नामु परिओ भगतु गोविंद का इह राखहु पैज तुमारी ॥१॥...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 9 दसंबर 2022
धनासरी मः ५ ॥ जब ते दरसन भेटे साधू भले दिनस ओइ आए ॥ महा अनंदु सदा करि कीरतनु पुरख बिधाता पाए ॥१॥ अब मोहि राम जसो मनि गाइओ ॥...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 10 अगस्त 2026
अंग : 620 सोरठि महला ५ ॥ मेरा सतिगुरु रखवाला होआ ॥ धारि क्रिपा प्रभ हाथ दे राखिआ हरि गोविदु नवा निरोआ ॥१॥ रहाउ ॥ तापु गइआ प्रभि आपि मिटाइआ...





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