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संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 23 अगस्त 2026
अंग : 613 सोरठि महला ५ ॥ राजन महि राजा उरझाइओ मानन महि अभिमानी ॥ लोभन महि लोभी लोभाइओ तिउ हरि रंगि रचे गिआनी ॥१॥ हरि जन कउ इही सुहावै...




संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 01 जून 2026
अंग : 645 सलोकु मः ३ ॥ सतिगुर ते जो मुह फिरे से बधे दुख सहाहि ॥ फिरि फिरि मिलणु न पाइनी जमहि तै मरि जाहि ॥ सहसा रोगु न...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 02 जुलाई 2025
अंग : 653 सलोकु मः ४ ॥ गुरमुखि अंतरि सांति है मनि तनि नामि समाइ ॥ नामो चितवै नामु पड़ै नामि रहै लिव लाइ ॥ नामु पदारथु पाइआ चिंता गई...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 3 दसंबर 2024
गूजरी की वार महला ३ सिकंदर बिराहिम की वार की धुनी गाउणी ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ सलोकु मः ३ ॥ इहु जगतु ममता मुआ जीवण की बिधि नाहि ॥ गुर...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 24 नवंबर 2024
धनासरी महला ५ ॥ मेरा लागो राम सिउ हेतु ॥ सतिगुरु मेरा सदा सहाई जिनि दुख का काटिआ केतु ॥१॥ रहाउ ॥ हाथ देइ राखिओ अपुना करि बिरथा सगल मिटाई...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 10 अक्टूबर 2024
रागु सोरठि बाणी भगत भीखन की ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ नैनहु नीरु बहै तनु खीना भए केस दुध वानी ॥ रूधा कंठु सबदु नही उचरै अब किआ करहि परानी ॥१॥...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 9 जुलाई 2024
सोरठि महला ५ ॥ गुण गावहु पूरन अबिनासी काम क्रोध बिखु जारे ॥ महा बिखमु अगनि को सागरु साधू संगि उधारे ॥१॥ पूरै गुरि मेटिओ भरमु अंधेरा ॥ भजु प्रेम...




संधिआ वेले का हुक्मनामा – 4 जुलाई 2024
सोरठि महला ३ दुतुकी ॥ निगुणिआ नो आपे बखसि लए भाई सतिगुर की सेवा लाइ ॥ सतिगुर की सेवा ऊतम है भाई राम नामि चितु लाइ ॥१॥ हरि जीउ आपे...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 25 मई 2024
गोंड ॥ खसमु मरै तउ नारि न रोवै ॥ उसु रखवारा अउरो होवै ॥ रखवारे का होइ बिनास ॥ आगै नरकु ईहा भोग बिलास ॥१॥ एक सुहागनि जगत पिआरी ॥...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 24 मार्च 2024
रागु धनासिरी महला ३ घरु ४ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ हम भीखक भेखारी तेरे तू निज पति है दाता ॥ होहु दैआल नामु देहु मंगत जन कंउ सदा रहउ रंगि...




संधिआ वेले का हुक्मनामा – 17 दसंबर 2023
धनासरी महला ५ ॥ तुम दाते ठाकुर प्रतिपालक नाइक खसम हमारे ॥ निमख निमख तुम ही प्रतिपालहु हम बारिक तुमरे धारे ॥१॥ जिहवा एक कवन गुन कहीऐ ॥ बेसुमार बेअंत...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 11 दसंबर 2023
धनासरी छंत महला ४ घरु १ सतिੴ गुर प्रसादि ॥ हरि जीउ क्रिपा करे ता नामु धिआईऐ जीउ ॥ सतिगुरु मिलै सुभाइ सहजि गुण गाईऐ जीउ ॥ गुण गाइ विगसै...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 25 मार्च 2025
ਅੰਗ : 671 धनासरी मः ५ ॥ जब ते दरसन भेटे साधू भले दिनस ओइ आए ॥ महा अनंदु सदा करि कीरतनु पुरख बिधाता पाए ॥१॥ अब मोहि राम जसो...




संधिआ वेले का हुक्मनामा – 3 दसंबर 2024
धनासरी महला ४ ॥ इछा पूरकु सरब सुखदाता हरि जा कै वसि है कामधेना ॥ सो ऐसा हरि धिआईऐ मेरे जीअड़े ता सरब सुख पावहि मेरे मना ॥१॥ जपि मन...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 7 अगस्त 2024
सूही महला ४ घरु ६ੴ सतिगुर प्रसादि ॥नीच जाति हरि जपतिआ उतम पदवी पाए ॥ पूछहु बिदर दासी सुतै किसनु उतरिआ घरि जिसु जाए ॥१॥ हरि की अकथ कथा सुनहु...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 28 जुलाई 2024
बिलावलु महला ५ ॥ बंधन काटै सो प्रभू जा कै कल हाथ ॥ अवर करम नही छूटीऐ राखहु हरि नाथ ॥१॥ तउ सरणागति माधवे पूरन दइआल ॥ छूटि जाइ संसार...





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