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संधिआ वेले का हुक्मनामा – 5 नवंबर 2023
धनासरी महला ४ ॥ हरि हरि बूंद भए हरि सुआमी हम चात्रिक बिलल बिललाती ॥ हरि हरि क्रिपा करहु प्रभ अपनी मुखि देवहु हरि निमखाती ॥१॥ हरि बिनु रहि न...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 4 सतंबर 2024
धनासरी महला ५ ॥ जिस का तनु मनु धनु सभु तिस का सोई सुघड़ु सुजानी ॥ तिन ही सुणिआ दुखु सुखु मेरा तउ बिधि नीकी खटानी ॥१॥ जीअ की एकै...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 15 फरवरी 2024
बिलावलु महला ५ ॥ ऐसे काहे भूलि परे ॥ करहि करावहि मूकरि पावहि पेखत सुनत सदा संगि हरे ॥१॥ रहाउ ॥ काच बिहाझन कंचन छाडन बैरी संगि हेतु साजन तिआगि...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 26 मार्च 2023
धनासरी महला ३ ॥ सदा धनु अंतरि नामु समाले ॥ जीअ जंत जिनहि प्रतिपाले ॥ मुकति पदारथु तिन कउ पाए ॥ हरि कै नामि रते लिव लाए ॥१॥ गुर सेवा...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 6 फरवरी 2025
सलोक ॥ राज कपटं रूप कपटं धन कपटं कुल गरबतह ॥ संचंति बिखिआ छलं छिद्रं नानक बिनु हरि संगि न चालते ॥१॥ पेखंदड़ो की भुलु तुमा दिसमु सोहणा ॥ अढु...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 6 मई 2023
धनासरी महला ५ ॥ तुम दाते ठाकुर प्रतिपालक नाइक खसम हमारे ॥ निमख निमख तुम ही प्रतिपालहु हम बारिक तुमरे धारे ॥१॥ जिहवा एक कवन गुन कहीऐ ॥ बेसुमार बेअंत...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 11 मार्च 2025
रागु सोरठि बाणी भगत कबीर जी की घरु १ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥जब जरीऐ तब होए भसम तनु रहै किरम दल खाई ॥ काची गागरि नीरु परतु है इआ तन...




संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 14 सितंबर 2025
अंग : 675 धनासरी महला ५ ॥ मेरा लागो राम सिउ हेतु ॥ सतिगुरु मेरा सदा सहाई जिनि दुख का काटिआ केतु ॥१॥ रहाउ ॥ हाथ देइ राखिओ अपुना करि...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 21 दसंबर 2024
रागु बिलावलु महला ५ चउपदे दुपदे घरु ७ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ सतिगुर सबदि उजारो दीपा ॥ बिनसिओ अंधकार तिह मंदरि रतन कोठड़ी खुल्ही अनूपा ॥१॥ रहाउ ॥ बिसमन बिसम...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 29 अक्तूबर 2022
गूजरी की वार महला ३ सिकंदर बिराहिम की वार की धुनी गाउणी ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ सलोकु मः ३ ॥ इहु जगतु ममता मुआ जीवण की बिधि नाहि ॥ गुर...




संधिआ वेले का हुक्मनामा – 8 अगस्त 2024
जब जरीऐ तब होइ भसम तनु रहै किरम दल खाई ॥ काची गागरि नीरु परतु है इआ तन की इहै बडाई ॥१॥ काहे भईआ फिरतौ फूलिआ फूलिआ ॥ जब दस...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 30 अक्तूबर 2022
आसा ॥ कहा सुआन कउ सिम्रिति सुनाए ॥ कहा साकत पहि हरि गुन गाए ॥१॥ राम राम राम रमे रमि रहीऐ ॥ साकत सिउ भूलि नही कहीऐ ॥१॥ रहाउ ॥...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 2 मार्च 2025
धनासरी महला १ घरु २ असटपदीआ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ गुरु सागरु रतनी भरपूरे ॥ अम्रितु संत चुगहि नही दूरे ॥ हरि रसु चोग चुगहि प्रभ भावै ॥ सरवर महि...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 09 अक्तूबर 2026
अंग : 611 सोरठि महला ५ ॥ खोजत खोजत खोजि बीचारिओ राम नामु ततु सारा ॥ किलबिख काटे निमख अराधिआ गुरमुखि पारि उतारा ॥१॥ हरि रसु पीवहु पुरख गिआनी ॥...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 21 जनवरी 2024
धनासरी मः ५ ॥ जब ते दरसन भेटे साधू भले दिनस ओइ आए ॥ महा अनंदु सदा करि कीरतनु पुरख बिधाता पाए ॥१॥ अब मोहि राम जसो मनि गाइओ ॥...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 13 दसंबर 2023
धनासरी महला ५ ॥ जतन करै मानुख डहकावै ओहु अंतरजामी जानै ॥ पाप करे करि मूकरि पावै भेख करै निरबानै ॥१॥ जानत दूरि तुमहि प्रभ नेरि ॥ उत ताकै उत...





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