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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 21 अगस्त 2026
अंग : 788 सलोक मः ३ ॥ कामणि तउ सीगारु करि जा पहिलां कंतु मनाइ ॥ मतु सेजै कंतु न आवई एवै बिरथा जाइ ॥ कामणि पिर मनु मानिआ तउ...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 07 दिसंबर 2025
अंग : 727 तिलंग बाणी भगता की कबीर जी ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ बेद कतेब इफतरा भाई दिल का फिकरु न जाइ ॥ टुकु दमु करारी जउ करहु हाजिर हजूरि...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 10 मई 2024
सलोकु मः ३ ॥ सेखा चउचकिआ चउवाइआ एहु मनु इकतु घरि आणि ॥ एहड़ तेहड़ छडि तू गुर का सबदु पछाणु ॥ सतिगुर अगै ढहि पउ सभु किछु जाणै जाणु...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 22 मार्च 2024
टोडी महला ५ ॥ गरबि गहिलड़ो मूड़ड़ो हीओ रे ॥ हीओ महराज री माइओ ॥ डीहर निआई मोहि फाकिओ रे ॥ रहाउ ॥ घणो घणो घणो सद लोड़ै बिनु लहणे...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 05 सितंबर 2026
अंग : 711 टोडी महला ५ ॥ हरि बिसरत सदा खुआरी ॥ ता कउ धोखा कहा बिआपै जा कउ ओट तुहारी ॥ रहाउ ॥ बिनु सिमरन जो जीवनु बलना सरप...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 02 अगस्त 2026
अंग : 670 धनासरी महला ४ ॥ मेरे साहा मै हरि दरसन सुखु होइ ॥ हमरी बेदनि तू जानता साहा अवरु किआ जानै कोइ ॥ रहाउ ॥ साचा साहिबु सचु...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 01 अगस्त 2026
अंग : 875 रागु गोंड बाणी रविदास जीउ की घरु २ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ मुकंद मुकंद जपहु संसार ॥ बिनु मुकंद तनु होइ अउहार ॥ सोई मुकंदु मुकति का...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 09 जुलाई 2026
अंग : 704 जैतसरी महला ५ घरु २ छंत ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ सलोकु ॥ ऊचा अगम अपार प्रभु कथनु न जाइ अकथु ॥ नानक प्रभ सरणागती राखन कउ समरथु...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 22 जून 2026
अंग : 592 सलोकु मः ३ ॥ गुरमुखि सेव न कीनीआ हरि नामि न लगो पिआरु ॥ सबदै सादु न आइओ मरि जनमै वारो वार ॥ मनमुखि अंधु न चेतई...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 28 जनवरी 2026
अंग : 845 बिलावलु महला ५ छंत ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ मंगल साजु भइआ प्रभु अपना गाइआ राम ॥ अबिनासी वरु सुणिआ मनि उपजिआ चाइआ राम ॥ मनि प्रीति लागै...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 20 दिसंबर 2025
अंग : 608 सोरठि महला ५ घरु १ तितुके ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ किस हउ जाची किसु आराधी जा सभु को कीता होसी ॥ जो जो दीसै वडा वडेरा सो...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 18 नवंबर 2024
सलोक ॥ संत उधरण दइआलं आसरं गोपाल कीरतनह ॥ निरमलं संत संगेण ओट नानक परमेसुरह ॥१॥ चंदन चंदु न सरद रुति मूलि न मिटई घांम ॥ सीतलु थीवै नानका जपंदड़ो...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 20 मार्च 2024
धनासरी महला ५ ॥ जतन करै मानुख डहकावै ओहु अंतरजामी जानै ॥ पाप करे करि मूकरि पावै भेख करै निरबानै ॥१॥ जानत दूरि तुमहि प्रभ नेरि ॥ उत ताकै उत...




संधिआ वेले का हुक्मनामा – 15 दसंबर 2023
रागु सोरठि बाणी भगत कबीर जी की घरु १ जब जरीऐ तब होइ भसम तनु रहै किरम दल खाई ॥ काची गागरि नीरु परतु है इआ तन की इहै बडाई...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 30 अगस्त 2026
अंग : 676 धनासरी महला ५ ॥ मोहि मसकीन प्रभु नामु अधारु ॥ खाटण कउ हरि हरि रोजगारु ॥ संचण कउ हरि एको नामु ॥ हलति पलति ता कै आवै...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 14 अगस्त 2026
अंग : 601 सोरठि महला ३ ॥ हरि जीउ तुधु नो सदा सालाही पिआरे जिचरु घट अंतरि है सासा ॥ इकु पलु खिनु विसरहि तू सुआमी जाणउ बरस पचासा ॥...





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