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संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 16 दसंबर 2024
सलोकु मः ३ ॥ पूरबि लिखिआ कमावणा जि करतै आपि लिखिआसु ॥ मोह ठगउली पाईअनु विसरिआ गुणतासु ॥ मतु जाणहु जगु जीवदा दूजै भाइ मुइआसु ॥ जिनी गुरमुखि नामु न...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 19 अप्रैल 2026
अंग : 632 सोरठि महला ९ ॥ मन रे प्रभ की सरनि बिचारो ॥ जिह सिमरत गनका सी उधरी ता को जसु उर धारो ॥१॥ रहाउ ॥ अटल भइओ ध्रूअ...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 2 नवंबर 2023
धनासरी महला ५ ॥ तुम दाते ठाकुर प्रतिपालक नाइक खसम हमारे ॥ निमख निमख तुम ही प्रतिपालहु हम बारिक तुमरे धारे ॥१॥ जिहवा एक कवन गुन कहीऐ ॥ बेसुमार बेअंत...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 7 अप्रैल 2024
रागु धनासिरी महला ३ घरु ४ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ हम भीखक भेखारी तेरे तू निज पति है दाता ॥ होहु दैआल नामु देहु मंगत जन कंउ सदा रहउ रंगि...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 07 अगस्त 2026
अंग : 672 धनासरी महला ५ ॥ वडे वडे राजन अरु भूमन ता की त्रिसन न बूझी ॥ लपटि रहे माइआ रंग माते लोचन कछू न सूझी ॥१॥ बिखिआ महि...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 4 मई 2023
धनासरी महला ५ ॥ वडे वडे राजन अरु भूमन ता की त्रिसन न बूझी ॥ लपटि रहे माइआ रंग माते लोचन कछू न सूझी ॥१॥ बिखिआ महि किन ही त्रिपति...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 17 नवंबर 2025
अंग : 666 धनासरी महला ३ ॥ नावै की कीमति मिति कही न जाइ ॥ से जन धंनु जिन इक नामि लिव लाइ ॥ गुरमति साची साचा वीचारु ॥ आपे...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 30 मार्च 2025
ਅੰਗ : 619-620 सोरठि महला ५ ॥ हमरी गणत न गणीआ काई अपणा बिरदु पछाणि ॥ हाथ देइ राखे करि अपुने सदा सदा रंगु माणि ॥१॥ साचा साहिबु सद मिहरवाण...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 15 फरवरी 2024
बिलावलु महला ५ ॥ ऐसे काहे भूलि परे ॥ करहि करावहि मूकरि पावहि पेखत सुनत सदा संगि हरे ॥१॥ रहाउ ॥ काच बिहाझन कंचन छाडन बैरी संगि हेतु साजन तिआगि...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 12 फरवरी 2023
रामकली महला ५ ॥ जो तिसु भावै सो थीआ ॥ सदा सदा हरि की सरणाई प्रभ बिनु नाही आन बीआ ॥१॥ रहाउ ॥ पुतु कलत्रु लखिमी दीसै इन महि किछू...




संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 08 जनवरी 2026
अंग : 656 सोरठि ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ बहु परपंच करि पर धनु लिआवै ॥ सुत दारा पहि आनि लुटावै ॥१॥ मन मेरे भूले कपटु न कीजै ॥ अंति निबेरा...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 08 सितंबर 2026
अंग : 666 धनासरी महला ४ घरु १ चउपदे ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ जो हरि सेवहि संत भगत तिन के सभि पाप निवारी ॥ हम ऊपरि किरपा करि सुआमी रखु...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 28 अक्तूबर 2022
सलोक मः ३ ॥गुरमुखि प्रभु सेवहि सद साचा अनदिनु सहजि पिआरि ॥सदा अनंदि गावहि गुण साचे अरधि उरधि उरि धारि ॥अंतरि प्रीतमु वसिआ धुरि करमु लिखिआ करतारि ॥नानक आपि मिलाइअनु...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 15 फ़रवरी 2026
अंग : 703 जैतसरी महला ९ ॥ हरि जू राखि लेहु पति मेरी ॥ जम को त्रास भइओ उर अंतरि सरनि गही किरपा निधि तेरी ॥१॥ रहाउ ॥ महा पतित...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 17 जनवरी 2025
धनासरी महला १ ॥ जीउ तपतु है बारो बार ॥ तपि तपि खपै बहुतु बेकार ॥ जै तनि बाणी विसरि जाइ ॥ जिउ पका रोगी विललाइ ॥१॥ बहुता बोलणु झखणु...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 13 जुलाई 2023
गूजरी महला ५ ॥ मात पिता भाई सुत बंधप तिन का बलु है थोरा ॥ अनिक रंग माइआ के पेखे किछु साथि न चालै भोरा ॥१॥ ठाकुर तुझ बिनु आहि...





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