संधिआ वेले का हुक्मनामा – 24 जून 2025
अंग : 684 धनासरी महला ५ ॥ त्रिपति भई सचु भोजनु खाइआ ॥ मनि तनि रसना नामु धिआइआ ॥१॥ जीवना हरि जीवना ॥ जीवनु हरि जपि साधसंगि ॥१॥ रहाउ ॥...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 30 मार्च 2025
ਅੰਗ : 628 सोरठि महला ५ ॥ ऐथै ओथै रखवाला ॥ प्रभ सतिगुर दीन दइआला ॥ दास अपने आपि राखे ॥ घटि घटि सबदु सुभाखे ॥१॥ गुर के चरण ऊपरि...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 19 नवंबर 2022
तिलंग महला १ घरु ३ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ इहु तनु माइआ पाहिआ पिआरे लीतड़ा लबि रंगाए ॥ मेरै कंत न भावै चोलड़ा पिआरे किउ धन सेजै जाए ॥१॥ हंउ...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 12 नवंबर 2022
धनासरी महला ५ ॥ मोहि मसकीन प्रभु नामु अधारु ॥ खाटण कउ हरि हरि रोजगारु ॥ संचण कउ हरि एको नामु ॥ हलति पलति ता कै आवै काम ॥१॥ नामि...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 19 सितंबर 2026
अंग : 678 धनासरी महला ५ ॥ जिनि तुम भेजे तिनहि बुलाए सुख सहज सेती घरि आउ ॥ अनद मंगल गुन गाउ सहज धुनि निहचल राजु कमाउ ॥१॥ तुम घरि...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 27 सितंबर 2025
अंग : 732 सूही महला ४ ॥ हरि हरि करहि नित कपटु कमावहि हिरदा सुधु न होई ॥ अनदिनु करम करहि बहुतेरे सुपनै सुखु न होई ॥१॥ गिआनी गुर बिनु...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 28 जुलाई 2023
वडहंसु महला १ घरु २ ॥ मोरी रुण झुण लाइआ भैणे सावणु आइआ ॥ तेरे मुंध कटारे जेवडा तिनि लोभी लोभ लुभाइआ ॥ तेरे दरसन विटहु खंनीऐ वंञा तेरे नाम...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 5 सतंबर 2024
जैतसरी महला ४ घरु २ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ हरि हरि सिमरहु अगम अपारा ॥ जिसु सिमरत दुखु मिटै हमारा ॥ हरि हरि सतिगुरु पुरखु मिलावहु गुरि मिलिऐ सुखु होई...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 7 मार्च 2025
*सोरठि महला ३ ॥* *बिनु सतिगुर सेवे बहुता दुखु लागा जुग चारे भरमाई ॥ हम दीन तुम जुगु जुगु दाते सबदे देहि बुझाई ॥१॥ हरि जीउ क्रिपा करहु तुम पिआरे...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 10 नवंबर 2024
सोरठि महला ४ घरु १ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ आपे आपि वरतदा पिआरा आपे आपि अपाहु ॥ वणजारा जगु आपि है पिआरा आपे साचा साहु ॥ आपे वणजु वापारीआ पिआरा...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 8 जून 2024
गूजरी की वार महला ३ सिकंदर बिराहिम की वार की धुनी गाउणी ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ सलोकु मः ३ ॥ इहु जगतु ममता मुआ जीवण की बिधि नाहि ॥ गुर...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 16 अप्रैल 2024
धनासरी महला ५ ॥ जतन करै मानुख डहकावै ओहु अंतरजामी जानै ॥ पाप करे करि मूकरि पावै भेख करै निरबानै ॥१॥ जानत दूरि तुमहि प्रभ नेरि ॥ उत ताकै उत...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 08 अक्तूबर 2026
अंग : 773 रागु सूही महला ४ छंत घरु १ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ सतिगुरु पुरखु मिलाइ अवगण विकणा गुण रवा बलि राम जीउ॥ हरि हरि नामु धिआइ गुरबाणी नित...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 30 जून 2026
अंग : 675 धनासरी महला ५ ॥ मेरा लागो राम सिउ हेतु ॥ सतिगुरु मेरा सदा सहाई जिनि दुख का काटिआ केतु ॥१॥ रहाउ ॥ हाथ देइ राखिओ अपुना करि...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 6 सतंबर 2023
वडहंसु महला ४ घोड़ीआ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ देह तेजणि जी रामि उपाईआ राम ॥ धंनु माणस जनमु पुंनि पाईआ राम ॥ माणस जनमु वड पुंने पाइआ देह सु कंचन...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 28 अक्तूबर 2022
बेद पुरान सभै मत सुनि कै करी करम की आसा ॥ काल ग्रसत सभ लोग सिआने उठि पंडित पै चले निरासा ॥१॥ मन रे सरिओ न एकै काजा ॥ भजिओ...
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