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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 3 जनवरी 2024
धनासरी महला ५ ॥ जिस का तनु मनु धनु सभु तिस का सोई सुघड़ु सुजानी ॥ तिन ही सुणिआ दुखु सुखु मेरा तउ बिधि नीकी खटानी ॥१॥ जीअ की एकै...




संधिआ वेले का हुक्मनामा – 2 जनवरी 2024
सोरठि महला ५ ॥ मिरतक कउ पाइओ तनि सासा बिछुरत आनि मिलाइआ ॥ पसू परेत मुगध भए स्रोते हरि नामा मुखि गाइआ ॥१॥ पूरे गुर की देखु वडाई ॥ ता...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 22 जुलाई 2026
अंग : 694 धनासरी, भगत रवि दास जी की ੴ सतिगुर परसाद हम सरि दीनु दइआल न तुम सरि अब पतिआरू किया कीजे ॥ बचनी तोर मोर मनु माने जन...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 21 मार्च 2026
अंग : 479 आसा ॥ काहू दीन्हे पाट पटंबर काहू पलघ निवारा ॥काहू गरी गोदरी नाही काहू खान परारा ॥१॥अहिरख वादु न कीजै रे मन ॥सुक्रितु करि करि लीजै रे...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 19 जुलाई 2025
अंग : 626 सोरठि महला ५ ॥ तापु गवाइआ गुरि पूरे ॥ वाजे अनहद तूरे ॥ सरब कलिआण प्रभि कीने ॥ करि किरपा आपि दीने ॥१॥ बेदन सतिगुरि आपि गवाई...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 23 मार्च 2026
अंग : 682 धनासरी महला ५ ॥ अउखी घड़ी न देखण देई अपना बिरदु समाले ॥ हाथ देइ राखै अपने कउ सासि सासि प्रतिपाले ॥१॥ प्रभ सिउ लागि रहिओ मेरा...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 07 फ़रवरी 2026
अंग : 735 सूही महला ४ घरु ७ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ तेरे कवन कवन गुण कहि कहि गावा तू साहिब गुणी निधाना ॥ तुमरी महिमा बरनि न साकउ तूं...




संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 06 सितंबर 2025
अंग : 700 जैतसरी महला ५ घरु ३ दुपदे ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ देहु संदेसरो कहीअउ प्रिअ कहीअउ ॥ बिसमु भई मै बहु बिधि सुनते कहहु सुहागनि सहीअउ ॥१॥ रहाउ...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 11 मई 2025
अंग : 669-670 धनासरी महला ४ ॥ इछा पूरकु सरब सुखदाता हरि जा कै वसि है कामधेना ॥ सो ऐसा हरि धिआईऐ मेरे जीअड़े ता सरब सुख पावहि मेरे मना...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 5 दसंबर 2024
गूजरी की वार महला ३ सिकंदर बिराहिम की वार की धुनी गाउणी ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ सलोकु मः ३ ॥ इहु जगतु ममता मुआ जीवण की बिधि नाहि ॥ गुर...




संधिआ वेले का हुक्मनामा – 1 नवंबर 2024
धनासरी महला ५ ॥ पानी पखा पीसउ संत आगै गुण गोविंद जसु गाई ॥ सासि सासि मनु नामु सम्हारै इहु बिस्राम निधि पाई ॥१॥ तुम्ह करहु दइआ मेरे साई ॥...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 20 अक्टूबर 2024
सोरठि महला ५ ॥ खोजत खोजत खोजि बीचारिओ राम नामु ततु सारा ॥ किलबिख काटे निमख अराधिआ गुरमुखि पारि उतारा ॥१॥ हरि रसु पीवहु पुरख गिआनी ॥ सुणि सुणि महा...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 15 अक्टूबर 2024
गूजरी महला ५ ॥* *तूं समरथु सरनि को दाता दुख भंजनु सुख राइ ॥ जाहि कलेस मिटे भै भरमा निरमल गुण प्रभ गाइ ॥१॥ गोविंद तुझ बिनु अवरु न ठाउ...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 12 अगस्त 2024
धनासरी महला ५ ॥ वडे वडे राजन अरु भूमन ता की त्रिसन न बूझी ॥ लपटि रहे माइआ रंग माते लोचन कछू न सूझी ॥१॥ बिखिआ महि किन ही त्रिपति...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 3 फरवरी 2024
सलोक ॥ राज कपटं रूप कपटं धन कपटं कुल गरबतह ॥ संचंति बिखिआ छलं छिद्रं नानक बिनु हरि संगि न चालते ॥१॥ पेखंदड़ो की भुलु तुमा दिसमु सोहणा ॥ अढु...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 03 मार्च 2026
अंग : 632 सोरठि महला ९ ॥ मन रे प्रभ की सरनि बिचारो ॥ जिह सिमरत गनका सी उधरी ता को जसु उर धारो ॥१॥ रहाउ ॥ अटल भइओ ध्रूअ...





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