अमृत वेले का हुक्मनामा – 03 नवंबर 2025
अंग : 682 धनासरी महला ५ ॥ अउखी घड़ी न देखण देई अपना बिरदु समाले ॥ हाथ देइ राखै अपने कउ सासि सासि प्रतिपाले ॥१॥ प्रभ सिउ लागि रहिओ मेरा...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 15 फरवरी 2025
जैतसरी महला ४ घरु १ चउपदे* *ੴ सतिगुर प्रसादि ॥* *मेरै हीअरै रतनु नामु हरि बसिआ गुरि हाथु धरिओ मेरै माथा ॥ जनम जनम के किलबिख दुख उतरे गुरि नामु...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 22 जनवरी 2026
अंग : 662 धनासरी महला १ ॥ चोरु सलाहे चीतु न भीजै ॥ जे बदी करे ता तसू न छीजै ॥ चोर की हामा भरे न कोइ ॥ चोरु कीआ...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 05 अप्रैल 2025
ਅੰਗ : 650 सलोकु मः ३ ॥ पड़णा गुड़णा संसार की कार है अंदरि त्रिसना विकारु ॥ हउमै विचि सभि पड़ि थके दूजै भाइ खुआरु ॥ सो पड़िआ सो पंडितु...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 5 जून 2024
सलोक ॥ मन इछा दान करणं सरबत्र आसा पूरनह ॥ खंडणं कलि कलेसह प्रभ सिमरि नानक नह दूरणह ॥१॥ हभि रंग माणहि जिसु संगि तै सिउ लाईऐ नेहु ॥ सो...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 5 सतंबर 2024
जैतसरी महला ४ घरु २ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ हरि हरि सिमरहु अगम अपारा ॥ जिसु सिमरत दुखु मिटै हमारा ॥ हरि हरि सतिगुरु पुरखु मिलावहु गुरि मिलिऐ सुखु होई...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 09 जून 2026
अंग : 650 सलोकु मः ३ ॥ पड़णा गुड़णा संसार की कार है अंदरि त्रिसना विकारु ॥ हउमै विचि सभि पड़ि थके दूजै भाइ खुआरु ॥ सो पड़िआ सो पंडितु...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 08 मार्च 2026
अंग : 731 सूही महला ४ ॥ हरि हरि नामु भजिओ पुरखोतमु सभि बिनसे दालद दलघा ॥ भउ जनम मरणा मेटिओ गुर सबदी हरि असथिरु सेवि सुखि समघा ॥१॥ मेरे...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 05 अप्रैल 2025
ਅੰਗ : 634 सोरठि महला ९ ॥* *प्रीतम जानि लेहु मन माही ॥ अपने सुख सिउ ही जगु फांधिओ को काहू को नाही ॥१॥ रहाउ ॥ सुख मै आनि बहुतु...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 2 जनवरी 2025
सलोकु मः ३ ॥ पूरबि लिखिआ कमावणा जि करतै आपि लिखिआसु ॥ मोह ठगउली पाईअनु विसरिआ गुणतासु ॥ मतु जाणहु जगु जीवदा दूजै भाइ मुइआसु ॥ जिनी गुरमुखि नामु न...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 30 जुलाई 2024
सलोक ॥ मन इछा दान करणं सरबत्र आसा पूरनह ॥ खंडणं कलि कलेसह प्रभ सिमरि नानक नह दूरणह ॥१॥ हभि रंग माणहि जिसु संगि तै सिउ लाईऐ नेहु ॥ सो...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 13 फरवरी 2024
धनासरी महला १ ॥ जीवा तेरै नाइ मनि आनंदु है जीउ ॥ साचो साचा नाउ गुण गोविंदु है जीउ ॥ गुर गिआनु अपारा सिरजणहारा जिनि सिरजी तिनि गोई ॥ परवाणा...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 9 जनवरी 2024
सोरठि महला ५ ॥ पुत्र कलत्र लोक ग्रिह बनिता माइआ सनबंधेही ॥ अंत की बार को खरा न होसी सभ मिथिआ असनेही ॥१॥ रे नर काहे पपोरहु देही ॥ ऊडि...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 08 अप्रैल 2026
अंग : 866 गोंड महला ५ ॥ धूप दीप सेवा गोपाल ॥ अनिक बार बंदन करतार ॥ प्रभ की सरणि गही सभ तिआगि ॥ गुर सुप्रसंन भए वड भागि ॥१॥...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 05 अगस्त 2025
अंग : 630 सोरठि महला ५ ॥ सरब सुखा का दाता सतिगुरु ता की सरनी पाईऐ ॥ दरसनु भेटत होत अनंदा दूखु गइआ हरि गाईऐ ॥१॥ हरि रसु पीवहु भाई...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 22 दसंबर 2024
जैतसरी महला ९ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ भूलिओ मनु माइआ उरझाइओ ॥ जो जो करम कीओ लालच लगि तिह तिह आपु बंधाइओ ॥१॥ रहाउ ॥ समझ न परी बिखै रस...
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