अमृत वेले का हुक्मनामा – 16 जून 2024
धनासरी महला ५ ॥ तुम दाते ठाकुर प्रतिपालक नाइक खसम हमारे ॥ निमख निमख तुम ही प्रतिपालहु हम बारिक तुमरे धारे ॥१॥ जिहवा एक कवन गुन कहीऐ ॥ बेसुमार बेअंत...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 19 अप्रैल 2023
धनासरी महला ५ ॥ तुम दाते ठाकुर प्रतिपालक नाइक खसम हमारे ॥ निमख निमख तुम ही प्रतिपालहु हम बारिक तुमरे धारे ॥१॥ जिहवा एक कवन गुन कहीऐ ॥ बेसुमार बेअंत...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 16 अगस्त 2023
सोरठि महला ५ ॥ गुर अपुने बलिहारी ॥ जिनिपूरन पैज सवारी ॥ मन चिंदिआ फलु पाइआ ॥ प्रभु अपुना सदा धिआइआ ॥१॥ संतहु तिसु बिनुअवरु न कोई ॥ करण कारण...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 5 सतंबर 2023
सलोकु मः ३ ॥ भगत जना कंउ आपि तुठा मेरा पिआरा आपे लइअनु जन लाइ ॥ पातिसाही भगत जना कउ दितीअनु सिरि छतु सचा हरि बणाइ ॥ सदा सुखीए निरमले...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 17 मई 2025
अंग : 668 धनासरी महला ४ ॥ हरि हरि बूंद भए हरि सुआमी हम चात्रिक बिलल बिललाती ॥ हरि हरि क्रिपा करहु प्रभ अपनी मुखि देवहु हरि निमखाती ॥१॥ हरि...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 9 अप्रैल 2023
टोडी महला ५ ॥ सतिगुर आइओ सरणि तुहारी ॥ मिलै सूखु नामु हरि सोभा चिंता लाहि हमारी ॥१॥ रहाउ ॥ अवर न सूझै दूजी ठाहर हारि परिओ तउ दुआरी ॥...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 26 दसंबर 2022
सलोक ॥ संत उधरण दइआलं आसरं गोपाल कीरतनह ॥ निरमलं संत संगेण ओट नानक परमेसुरह ॥१॥ चंदन चंदु न सरद रुति मूलि न मिटई घांम ॥ सीतलु थीवै नानका जपंदड़ो...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 22 नवंबर 2022
धनासरी महला ५ ॥ मेरा लागो राम सिउ हेतु ॥ सतिगुरु मेरा सदा सहाई जिनि दुख का काटिआ केतु ॥१॥ रहाउ ॥ हाथ देइ राखिओ अपुना करि बिरथा सगल मिटाई...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 12 सतंबर 2024
सोरठि महला ५ घरु २ असटपदीआ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ पाठु पड़िओ अरु बेदु बीचारिओ निवलि भुअंगम साधे ॥ पंच जना सिउ संगु न छुटकिओ अधिक अह्मबुधि बाधे ॥१॥ पिआरे...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 26 मार्च 2025
ਅੰਗ : 706 सलोक ॥* *मन इछा दान करणं सरबत्र आसा पूरनह ॥ खंडणं कलि कलेसह प्रभ सिमरि नानक नह दूरणह ॥१॥ हभि रंग माणहि जिसु संगि तै सिउ लाईऐ...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 3 जनवरी 2025
सोरठि महला ५ घरु ३ चउपदे ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ मिलि पंचहु नही सहसा चुकाइआ ॥ सिकदारहु नह पतीआइआ ॥ उमरावहु आगै झेरा ॥ मिलि राजन राम निबेरा ॥१॥ अब...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 17 अगस्त 2023
धनासरी महला १ घरु १ चउपदे ੴ सति नामु करता पुरखु निरभउ निरवैरु अकाल मूरति अजूनी सैभं गुर प्रसादि ॥ जीउ डरतु है आपणा कै सिउ करी पुकार ॥ दूख...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 14 जुलाई 2024
धनासरी महला ५ ॥ जतन करै मानुख डहकावै ओहु अंतरजामी जानै ॥ पाप करे करि मूकरि पावै भेख करै निरबानै ॥१॥ जानत दूरि तुमहि प्रभ नेरि ॥ उत ताकै उत...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 28 जुलाई 2023
वडहंसु महला १ घरु २ ॥ मोरी रुण झुण लाइआ भैणे सावणु आइआ ॥ तेरे मुंध कटारे जेवडा तिनि लोभी लोभ लुभाइआ ॥ तेरे दरसन विटहु खंनीऐ वंञा तेरे नाम...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 24 जून 2025
अंग : 684 धनासरी महला ५ ॥ त्रिपति भई सचु भोजनु खाइआ ॥ मनि तनि रसना नामु धिआइआ ॥१॥ जीवना हरि जीवना ॥ जीवनु हरि जपि साधसंगि ॥१॥ रहाउ ॥...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 15 अक्टूबर 2024
गूजरी महला ५ ॥* *तूं समरथु सरनि को दाता दुख भंजनु सुख राइ ॥ जाहि कलेस मिटे भै भरमा निरमल गुण प्रभ गाइ ॥१॥ गोविंद तुझ बिनु अवरु न ठाउ...
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