→
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 12 अगस्त 2024
धनासरी महला ५ ॥ वडे वडे राजन अरु भूमन ता की त्रिसन न बूझी ॥ लपटि रहे माइआ रंग माते लोचन कछू न सूझी ॥१॥ बिखिआ महि किन ही त्रिपति...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 12 अगस्त 2026
अंग : 591 सलोकु मः ३ ॥ सतिगुर की परतीति न आईआ सबदि न लागो भाउ ॥ ओस नो सुखु न उपजै भावै सउ गेड़ा आवउ जाउ ॥ नानक गुरमुखि...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 10 नवंबर 2024
सोरठि मः ३ दुतुके ॥ सतिगुर मिलिऐ उलटी भई भाई जीवत मरै ता बूझ पाइ ॥ सो गुरू सो सिखु है भाई जिसु जोती जोति मिलाइ ॥१॥ मन रे हरि...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 06 अप्रैल 2026
अंग : 678 धनासरी महला ५ ॥ जिनि तुम भेजे तिनहि बुलाए सुख सहज सेती घरि आउ ॥ अनद मंगल गुन गाउ सहज धुनि निहचल राजु कमाउ ॥१॥ तुम घरि...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 3 अप्रैल 2023
गोंड महला ५ ॥ धूप दीप सेवा गोपाल ॥ अनिक बार बंदन करतार ॥ प्रभ की सरणि गही सभ तिआगि ॥ गुर सुप्रसंन भए वड भागि ॥१॥ आठ पहर गाईऐ...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 12 फरवरी 2024
टोडी महला ५ ॥ गरबि गहिलड़ो मूड़ड़ो हीओ रे ॥ हीओ महराज री माइओ ॥ डीहर निआई मोहि फाकिओ रे ॥ रहाउ ॥ घणो घणो घणो सद लोड़ै बिनु लहणे...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 02 फरवरी 2023
सलोकु मः ३ ॥ पूरबि लिखिआ कमावणा जि करतै आपि लिखिआसु ॥ मोह ठगउली पाईअनु विसरिआ गुणतासु ॥ मतु जाणहु जगु जीवदा दूजै भाइ मुइआसु ॥ जिनी गुरमुखि नामु न...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 10 जून 2025
अंग : 670 धनासरी महला ४ ॥ मेरे साहा मै हरि दरसन सुखु होइ ॥ हमरी बेदनि तू जानता साहा अवरु किआ जानै कोइ ॥ रहाउ ॥ साचा साहिबु सचु...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 25 जून 2024
बिलावलु ॥ राखि लेहु हम ते बिगरी ॥ सीलु धरमु जपु भगति न कीनी हउ अभिमान टेढ पगरी ॥१॥ रहाउ ॥ अमर जानि संची इह काइआ इह मिथिआ काची गगरी...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 13 मई 2023
धनासरी महला १ ॥ चोरु सलाहे चीतु न भीजै ॥ जे बदी करे ता तसू न छीजै ॥ चोर की हामा भरे न कोइ ॥ चोरु कीआ चंगा किउ होइ...




संधिआ वेले का हुक्मनामा – 10 दसंबर 2023
धनासरी महला ५ घरु १२ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ बंदना हरि बंदना गुण गावहु गोपाल राइ ॥ रहाउ ॥ वडै भागि भेटे गुरदेवा ॥ कोटि पराध मिटे हरि सेवा ॥१॥...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 10 फरवरी 2024
सलोक मः ३ ॥ हउमै विचि जगतु मुआ मरदो मरदा जाइ ॥ जिचरु विचि दमु है तिचरु न चेतई कि करेगु अगै जाइ ॥ गिआनी होइ सु चेतंनु होइ अगिआनी...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 09 जुलाई 2026
अंग : 680 धनासरी महला ५ ॥ जतन करै मानुख डहकावै ओहु अंतरजामी जानै ॥ पाप करे करि मूकरि पावै भेख करै निरबानै ॥१॥ जानत दूरि तुमहि प्रभ नेरि ॥...




संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 27 अप्रैल 2025
अंग : 674-675 धनासिरी महला ५ ॥ अब हरि राखनहारु चितारिआ ॥ पतित पुनीत कीए खिन भीतरि सगला रोगु बिदारिआ ॥१॥ रहाउ ॥ गोसटि भई साध कै संगमि काम क्रोधु...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 18 अप्रैल 2023
सोरठि महला ५ ॥ सतिगुर पूरे भाणा ॥ ता जपिआ नामु रमाणा ॥ गोबिंद किरपा धारी ॥ प्रभि राखी पैज हमारी ॥१॥ हरि के चरन सदा सुखदाई ॥ जो इछहि...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 27 मार्च 2025
ਅੰਗ : 963 सलोक मः ५ ॥ अम्रित बाणी अमिउ रसु अम्रितु हरि का नाउ ॥ मनि तनि हिरदै सिमरि हरि आठ पहर गुण गाउ ॥ उपदेसु सुणहु तुम गुरसिखहु...





  ‹ Prev Page Next Page ›