→
अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 25 अक्तूबर 2026
अंग : 678 धनासरी महला ५ घरु ६ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ सुनहु संत पिआरे बिनउ हमारे जीउ ॥ हरि बिनु मुकति न काहू जीउ ॥ रहाउ ॥ मन निरमल...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 24 अक्तूबर 2026
अंग : 718 टोडी बाणी भगतां की ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ कोई बोलै निरवा कोई बोलै दूरि ॥ जल की माछुली चरै खजूरि ॥१॥ कांइ रे बकबादु लाइओ ॥ जिनि...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 23 अक्तूबर 2026
अंग : 690 धनासरी छंत महला ४ घरु १ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ हरि जीउ क्रिपा करे ता नामु धिआईऐ जीउ ॥ सतिगुरु मिलै सुभाइ सहजि गुण गाईऐ जीउ ॥...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 22 अक्तूबर 2026
अंग : 673 धनासरी महला ५ ॥ जिह करणी होवहि सरमिंदा इहा कमानी रीति ॥ संत की निंदा साकत की पूजा ऐसी द्रिड़्ही बिपरीति ॥१॥ माइआ मोह भूलो अवरै हीत...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 22 अक्तूबर 2026
अंग : 722 तिलंग मः १ ॥ इआनड़ीए मानड़ा काइ करेहि ॥ आपनड़ै घरि हरि रंगो की न माणेहि ॥ सहु नेड़ै धन कमलीए बाहरु किआ ढूढेहि ॥ भै कीआ...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 21 अक्तूबर 2026
अंग : 686 धनासरी महला ५ घरु ६ असटपदी ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ जो जो जूनी आइओ तिह तिह उरझाइओ माणस जनमु संजोगि पाइआ ॥ ताकी है ओट साध राखहु...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 20 अक्तूबर 2026
अंग : 633 सोरठि महला ९ ॥ इह जगि मीतु न देखिओ कोई ॥ सगल जगतु अपनै सुखि लागिओ दुख मै संगि न होई ॥१॥ रहाउ ॥ दारा मीत पूत...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 20 अक्तूबर 2026
अंग : 633 सोरठि महला ९ ॥ इह जगि मीतु न देखिओ कोई ॥ सगल जगतु अपनै सुखि लागिओ दुख मै संगि न होई ॥१॥ रहाउ ॥ दारा मीत पूत...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 19 अक्तूबर 2026
अंग : 656 सोरठि ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ बहु परपंच करि पर धनु लिआवै ॥ सुत दारा पहि आनि लुटावै ॥१॥ मन मेरे भूले कपटु न कीजै ॥ अंति निबेरा...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 19 अक्तूबर 2026
अंग : 656 रागु सोरठि बाणी भगत कबीर जी की घरु १ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ संतहु मन पवनै सुखु बनिआ ॥ किछु जोगु परापति गनिआ ॥ रहाउ ॥ गुरि...




संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 18 अक्तूबर 2026
अंग : 632 सोरठि महला ९ ॥ मन रे प्रभ की सरनि बिचारो ॥ जिह सिमरत गनका सी उधरी ता को जसु उर धारो ॥१॥ रहाउ ॥ अटल भइओ ध्रूअ...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 18 अक्तूबर 2026
अंग : 632 सोरठि महला ९ ॥ मन रे प्रभ की सरनि बिचारो ॥ जिह सिमरत गनका सी उधरी ता को जसु उर धारो ॥१॥ रहाउ ॥ अटल भइओ ध्रूअ...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 17 अक्तूबर 2026
अंग : 622 सोरठि महला ५ ॥ सूख सहज आनंदा ॥ प्रभु मिलिओ मनि भावंदा ॥ पूरै गुरि किरपा धारी ॥ ता गति भई हमारी ॥१॥ हरि की प्रेम भगति...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 17 अक्तूबर 2026
अंग : 725 तिलंग महला ४ ॥ हरि कीआ कथा कहाणीआ गुरि मीति सुणाईआ ॥ बलिहारी गुर आपणे गुर कउ बलि जाईआ ॥१॥ आइ मिलु गुरसिख आइ मिलु तू मेरे...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 16 अक्तूबर 2026
अंग : 641 सोरठि महला ५ घरु २ असटपदीआ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ पाठु पड़िओ अरु बेदु बीचारिओ निवलि भुअंगम साधे ॥ पंच जना सिउ संगु न छुटकिओ अधिक अह्मबुधि...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 15 अक्तूबर 2026
अंग : 658 रागु सोरठि बाणी भगत रविदास जी की ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ जउ हम बांधे मोह फास हम प्रेम बधनि तुम बाधे ॥ अपने छूटन को जतनु करहु...





  ‹ Prev Page Next Page ›