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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 15 मई 2024
बैराड़ी महला ४ ॥ हरि जनु राम नाम गुन गावै ॥ जे कोई निंद करे हरि जन की अपुना गुनु न गवावै ॥१॥ रहाउ ॥ जो किछु करे सु आपे...




संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 04 सितंबर 2026
अंग : 659 ऐसा नामु रतनु निरमोलकु पुंनि पदारथु पाइआ ॥ अनिक जतन करि हिरदै राखिआ रतनु न छपै छपाइआ ॥१॥ हरि गुन कहते कहनु न जाई ॥ जैसे गूंगे...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 18 जून 2026
अंग : 740 सूही महला ५ ॥ गुर कै बचनि रिदै धिआनु धारी ॥ रसना जापु जपउ बनवारी ॥१॥ सफल मूरति दरसन बलिहारी ॥ चरण कमल मन प्राण अधारी ॥१॥...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 10 सितंबर 2026
अंग : 589 सलोक मः ३ ॥ बिनु सतिगुर सेवे जीअ के बंधना विचि हउमै करम कमाहि ॥ बिनु सतिगुर सेवे ठउर न पावही मरि जमहि आवहि जाहि ॥ बिनु...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 22 जुलाई 2025
अंग : 696 जैतसरी महला ४ घरु १ चउपदे ੴसतिगुर प्रसादि ॥ मेरै हीअरै रतनु नामु हरि बसिआ गुरि हाथु धरिओ मेरै माथा ॥ जनम जनम के किलबिख दुख उतरे...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 14 दिसंबर 2025
अंग : 533 रागु देवगंधारी महला ५ घरु ३ ੴ सतिगुर प्रसादि मीता ऐसे हरि जीउ पाए ॥ छोडि न जाई सद ही संगे अनदिनु गुर मिलि गाए ॥१॥ रहाउ...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 28 सतंबर 2024
धनासरी महला १ घरु २ असटपदीआ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ गुरु सागरु रतनी भरपूरे ॥ अम्रितु संत चुगहि नही दूरे ॥ हरि रसु चोग चुगहि प्रभ भावै ॥ सरवर महि...




संधिआ वेले का हुक्मनामा – 17 अगस्त 2023
सोरठि महला १ ॥ जिन्ही सतिगुरु सेविआ पिआरे तिन्ह के साथ तरे ॥ तिन्हा ठाक न पाईऐ पिआरे अम्रित रसन हरे ॥ बूडे भारे भै बिना पिआरे तारे नदरि करे...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 12 मई 2023
सलोक ॥ राज कपटं रूप कपटं धन कपटं कुल गरबतह ॥ संचंति बिखिआ छलं छिद्रं नानक बिनु हरि संगि न चालते ॥१॥ पेखंदड़ो की भुलु तुमा दिसमु सोहणा ॥ अढु...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 23 मार्च 2023
सोरठि महला ५ ॥ मेरा सतिगुरु रखवाला होआ ॥ धारि क्रिपा प्रभ हाथ दे राखिआ हरि गोविदु नवा निरोआ ॥१॥ रहाउ ॥ तापु गइआ प्रभि आपि मिटाइआ जन की लाज...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 25 नवंबर 2024
धनासरी महला १ ॥ जीवा तेरै नाइ मनि आनंदु है जीउ ॥ साचो साचा नाउ गुण गोविंदु है जीउ ॥ गुर गिआनु अपारा सिरजणहारा जिनि सिरजी तिनि गोई ॥ परवाणा...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 27 नवंबर 2025
अंग : 673 धनासरी महला ५ ॥ तुम दाते ठाकुर प्रतिपालक नाइक खसम हमारे ॥ निमख निमख तुम ही प्रतिपालहु हम बारिक तुमरे धारे ॥१॥ जिहवा एक कवन गुन कहीऐ...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 02 अप्रैल 2026
अंग : 656 रागु सोरठि बाणी भगत कबीर जी की घरु १ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ संतहु मन पवनै सुखु बनिआ ॥ किछु जोगु परापति गनिआ ॥ रहाउ ॥ गुरि...




संधिआ वेले का हुक्मनामा – 26 जून 2023
सोरठि महला ५ ॥ मिरतक कउ पाइओ तनि सासा बिछुरत आनि मिलाइआ ॥ पसू परेत मुगध भए स्रोते हरि नामा मुखि गाइआ ॥१॥ पूरे गुर की देखु वडाई ॥ ता...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 12 मार्च 2024
सलोक ॥ राज कपटं रूप कपटं धन कपटं कुल गरबतह ॥ संचंति बिखिआ छलं छिद्रं नानक बिनु हरि संगि न चालते ॥१॥ पेखंदड़ो की भुलु तुमा दिसमु सोहणा ॥ अढु...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 23 अप्रैल 2026
अंग : 612 सोरठि महला ५ ॥ चरन कमल सिउ जा का मनु लीना से जन त्रिपति अघाई ॥ गुण अमोल जिसु रिदै न वसिआ ते नर त्रिसन त्रिखाई ॥१॥...





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