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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 9 मार्च 2024
धनासरी महला ५ ॥ वडे वडे राजन अरु भूमन ता की त्रिसन न बूझी ॥ लपटि रहे माइआ रंग माते लोचन कछू न सूझी ॥१॥ बिखिआ महि किन ही त्रिपति...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 17 मई 2026
अंग : 676 धनासरी महला ५ ॥ फिरत फिरत भेटे जन साधू पूरै गुरि समझाइआ ॥ आन सगल बिधि कांमि न आवै हरि हरि नामु धिआइआ ॥१॥ ता ते मोहि...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 14 मई 2026
अंग : 742 सूही महला ५ ॥ अनिक बींग दास के परहरिआ ॥ करि किरपा प्रभि अपना करिआ ॥१॥ तुमहि छडाइ लीओ जनु अपना ॥ उरझि परिओ जालु जगु सुपना...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 08 मई 2026
अंग : 619 सोरठि महला ५ ॥ हमरी गणत न गणीआ काई अपणा बिरदु पछाणि ॥ हाथ देइ राखे करि अपुने सदा सदा रंगु माणि ॥१॥ साचा साहिबु सद मिहरवाण...




संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 14 जनवरी 2026
अंग : 663 धनासरी महला ३ घरु २ चउपदे ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ इहु धनु अखुटु न निखुटै न जाइ ॥ पूरै सतिगुरि दीआ दिखाइ ॥ अपुने सतिगुर कउ सद...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 08 जुलाई 2025
अंग : 647 सलोकु मः ३ ॥ परथाइ साखी महा पुरख बोलदे साझी सगल जहानै ॥ गुरमुखि होइ सु भउ करे आपणा आपु पछाणै ॥ गुर परसादी जीवतु मरै ता...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 4 फरवरी 2025
धनासरी महला ४ ॥ हरि हरि बूंद भए हरि सुआमी हम चात्रिक बिलल बिललाती ॥ हरि हरि क्रिपा करहु प्रभ अपनी मुखि देवहु हरि निमखाती ॥१॥ हरि बिनु रहि न...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 10 अक्टूबर 2024
राग रामकली में गुरु अरजन देव जी की बाणी ‘ रती सलोक अकाल पुरख एक है और सतगुरु की किरपा से मिलता है। हे नानक। (कह- हे भाई) पारब्रहम प्रभु...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 5 जुलाई 2024
धनासरी महला ५ ॥ मेरा लागो राम सिउ हेतु ॥ सतिगुरु मेरा सदा सहाई जिनि दुख का काटिआ केतु ॥१॥ रहाउ ॥ हाथ देइ राखिओ अपुना करि बिरथा सगल मिटाई...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 21 जून 2024
गूजरी की वार महला ३ सिकंदर बिराहिम की वार की धुनी गाउणी ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ सलोकु मः ३ ॥ इहु जगतु ममता मुआ जीवण की बिधि नाहि ॥ गुर...




संधिआ वेले का हुक्मनामा – 11 मई 2024
धनासरी महला ५ घरु १२ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ बंदना हरि बंदना गुण गावहु गोपाल राइ ॥ रहाउ ॥ वडै भागि भेटे गुरदेवा ॥ कोटि पराध मिटे हरि सेवा ॥१॥...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 10 मार्च 2024
जैतसरी महला ४ घरु १ चउपदे ੴसतिगुर प्रसादि ॥ मेरै हीअरै रतनु नामु हरि बसिआ गुरि हाथु धरिओ मेरै माथा ॥ जनम जनम के किलबिख दुख उतरे गुरि नामु दीओ...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 5 मार्च 2024
रागु सोरठि बाणी भगत कबीर जी की घरु १ जब जरीऐ तब होइ भसम तनु रहै किरम दल खाई ॥ काची गागरि नीरु परतु है इआ तन की इहै बडाई...




संधिआ वेले का हुक्मनामा – 23 दसंबर 2023
धनासरी महला ५ घरु १२ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ बंदना हरि बंदना गुण गावहु गोपाल राइ ॥ रहाउ ॥ वडै भागि भेटे गुरदेवा ॥ कोटि पराध मिटे हरि सेवा ॥१॥...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 17 मई 2026
अंग : 675 धनासरी महला ५ ॥ दीन दरद निवारि ठाकुर राखै जन की आपि ॥ तरण तारण हरि निधि दूखु न सकै बिआपि ॥१॥ साधू संगि भजहु गुपाल ॥...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 18 मार्च 2026
अंग : 647 सलोकु मः ३ ॥ परथाइ साखी महा पुरख बोलदे साझी सगल जहानै ॥ गुरमुखि होइ सु भउ करे आपणा आपु पछाणै ॥ गुर परसादी जीवतु मरै ता...





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