→
अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 6 अप्रैल 2024
टोडी महला ५ ॥ साधसंगि हरि हरि नामु चितारा ॥ सहजि अनंदु होवै दिनु राती अंकुरु भलो हमारा ॥ रहाउ ॥ गुरु पूरा भेटिओ बडभागी जा को अंतु न पारावारा...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 4 मार्च 2024
सलोक ॥ संत उधरण दइआलं आसरं गोपाल कीरतनह ॥ निरमलं संत संगेण ओट नानक परमेसुरह ॥१॥ चंदन चंदु न सरद रुति मूलि न मिटई घांम ॥ सीतलु थीवै नानका जपंदड़ो...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 13 सितंबर 2026
अंग : 671 धनासरी महला ५ ॥ जिस का तनु मनु धनु सभु तिस का सोई सुघड़ु सुजानी ॥ तिन ही सुणिआ दुखु सुखु मेरा तउ बिधि नीकी खटानी ॥१॥...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 22 मई 2026
अंग : 703 जैतसरी महला ९ ॥ हरि जू राखि लेहु पति मेरी ॥ जम को त्रास भइओ उर अंतरि सरनि गही किरपा निधि तेरी ॥१॥ रहाउ ॥ महा पतित...




संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 07 फ़रवरी 2026
अंग : 721 तिलंग महला १ घरु २ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ भउ तेरा भांग खलड़ी मेरा चीतु ॥ मै देवाना भइआ अतीतु ॥ कर कासा दरसन की भूख ॥...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 18 जनवरी 2026
अंग : 654 बेद पुरान सभै मत सुनि कै करी करम की आसा ॥ काल ग्रसत सभ लोग सिआने उठि पंडित पै चले निरासा ॥१॥ मन रे सरिओ न एकै...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 08 सितंबर 2025
अंग : 694 धनासरी, भगत रवि दास जी की ੴ सतिगुर परसाद हम सरि दीनु दइआल न तुम सरि अब पतिआरू किया कीजे ॥ बचनी तोर मोर मनु माने जन...




संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 04 अगस्त 2025
अंग : 623 सोरठि महला ५ ॥ विचि करता पुरखु खलोआ ॥ वालु न विंगा होआ ॥ मजनु गुर आंदा रासे ॥ जपि हरि हरि किलविख नासे ॥१॥ संतहु रामदास...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 5 अप्रैल 2024
सलोकु मः ३ ॥ सतिगुर ते जो मुह फिरे से बधे दुख सहाहि ॥ फिरि फिरि मिलणु न पाइनी जमहि तै मरि जाहि ॥ सहसा रोगु न छोडई दुख ही...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 2 अप्रैल 2024
बिलावलु महला ५ ॥ संत सरणि संत टहल करी ॥ धंधु बंधु अरु सगल जंजारो अवर काज ते छूटि परी ॥१॥ रहाउ ॥ सूख सहज अरु घनो अनंदा गुर ते...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 13 सितंबर 2025
अंग : 729 सूही महला १ घरु ६ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ उजलु कैहा चिलकणा घोटिम कालड़ी मसु ॥ धोतिआ जूठि न उतरै जे सउ धोवा तिसु ॥१॥ सजण सेई...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 11 जुलाई 2025
अंग : 721 तिलंग महला १ घरु ३ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ इहु तनु माइआ पाहिआ पिआरे लीतड़ा लबि रंगाए ॥ मेरै कंत न भावै चोलड़ा पिआरे किउ धन सेजै...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 8 फरवरी 2025
धनासरी महला ५ ॥ तुम दाते ठाकुर प्रतिपालक नाइक खसम हमारे ॥ निमख निमख तुम ही प्रतिपालहु हम बारिक तुमरे धारे ॥१॥ जिहवा एक कवन गुन कहीऐ ॥ बेसुमार बेअंत...




संधिआ वेले का हुक्मनामा – 18 अक्टूबर 2024
सोरठि महला ५ ॥ राजन महि राजा उरझाइओ मानन महि अभिमानी ॥ लोभन महि लोभी लोभाइओ तिउ हरि रंगि रचे गिआनी ॥१॥ हरि जन कउ इही सुहावै ॥ पेखि निकटि...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 15 जुलाई 2024
सोरठि महला १ ॥ जिसु जल निधि कारणि तुम जगि आए सो अंम्रितु गुर पाही जीउ ॥ छोडहु वेसु भेख चतुराई दुबिधा इहु फलु नाही जीउ ॥१॥ मन रे थिरु...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 13 जुलाई 2024
धनासरी महला ५ ॥ जिस कउ बिसरै प्रानपति दाता सोई गनहु अभागा ॥ चरन कमल जा का मनु रागिओ अमिअ सरोवर पागा ॥१॥ तेरा जनु राम नाम रंगि जागा ॥...





  ‹ Prev Page Next Page ›