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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 4 अगस्त 2024
सलोक ॥ राज कपटं रूप कपटं धन कपटं कुल गरबतह ॥ संचंति बिखिआ छलं छिद्रं नानक बिनु हरि संगि न चालते ॥१॥ पेखंदड़ो की भुलु तुमा दिसमु सोहणा ॥ अढु...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 1 अगस्त 2024
सलोक मः ५ ॥ करि किरपा किरपाल आपे बखसि लै ॥ सदा सदा जपी तेरा नामु सतिगुर पाइ पै ॥ मन तन अंतरि वसु दूखा नासु होइ ॥ हथ देइ...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 4 अप्रैल 2024
धनासरी महला ४ ॥ मेरे साहा मै हरि दरसन सुखु होइ ॥ हमरी बेदनि तू जानता साहा अवरु किआ जानै कोइ ॥ रहाउ ॥ साचा साहिबु सचु तू मेरे साहा...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 10 फरवरी 2024
सलोक मः ३ ॥ हउमै विचि जगतु मुआ मरदो मरदा जाइ ॥ जिचरु विचि दमु है तिचरु न चेतई कि करेगु अगै जाइ ॥ गिआनी होइ सु चेतंनु होइ अगिआनी...




संधिआ वेले का हुक्मनामा – 18 जनवरी 2024
धनासरी महला ५ ॥ मोहि मसकीन प्रभु नामु अधारु ॥ खाटण कउ हरि हरि रोजगारु ॥ संचण कउ हरि एको नामु ॥ हलति पलति ता कै आवै काम ॥१॥ नामि...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 06 अप्रैल 2026
अंग : 854 सलोक मः ३ ॥ अपणा आपु न पछाणई हरि प्रभु जाता दूरि ॥ गुर की सेवा विसरी किउ मनु रहै हजूरि ॥ मनमुखि जनमु गवाइआ झूठै लालचि...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 15 मई 2025
अंग : 615 सोरठि महला ५ ॥* *गुण गावहु पूरन अबिनासी काम क्रोध बिखु जारे ॥ महा बिखमु अगनि को सागरु साधू संगि उधारे ॥१॥ पूरै गुरि मेटिओ भरमु अंधेरा...




संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 14 मई 2025
अंग : 652-653 सलोकु मः ४ ॥ अंतरि अगिआनु भई मति मधिम सतिगुर की परतीति नाही ॥ अंदरि कपटु सभु कपटो करि जाणै कपटे खपहि खपाही ॥ सतिगुर का भाणा...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 29 जनवरी 2025
धनासिरी महला ५ ॥ अब हरि राखनहारु चितारिआ ॥ पतित पुनीत कीए खिन भीतरि सगला रोगु बिदारिआ ॥१॥ रहाउ ॥ गोसटि भई साध कै संगमि काम क्रोधु लोभु मारिआ ॥...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 20 अगस्त 2024
सलोकु मः ३ ॥ नानक नावहु घुथिआ हलतु पलतु सभु जाइ ॥ जपु तपु संजमु सभु हिरि लइआ मुठी दूजै भाइ ॥ जम दरि बधे मारीअहि बहुती मिलै सजाइ ॥१॥...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 23 अप्रैल 2024
सोरठि महला ५ ॥ खोजत खोजत खोजि बीचारिओ राम नामु ततु सारा ॥ किलबिख काटे निमख अराधिआ गुरमुखि पारि उतारा ॥१॥ हरि रसु पीवहु पुरख गिआनी ॥ सुणि सुणि महा...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 06 नवंबर 2025
अंग : 739 सूही महला ५ ॥ लालनु राविआ कवन गती री ॥ सखी बतावहु मुझहि मती री ॥१॥ सूहब सूहब सूहवी ॥ अपने प्रीतम कै रंगि रती ॥१॥ रहाउ...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 24 जून 2025
अंग : 684 धनासरी महला ५ ॥ त्रिपति भई सचु भोजनु खाइआ ॥ मनि तनि रसना नामु धिआइआ ॥१॥ जीवना हरि जीवना ॥ जीवनु हरि जपि साधसंगि ॥१॥ रहाउ ॥...




संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 18 मार्च 2025
ਅੰਗ : 654 राग सोरठि, घर १ में भगत कबीर जी की बाणी ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ जब जरीऐ तब होइ भसम तनु रहै किरम दल खाई ॥ काची गागरि...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 11 मार्च 2025
रागु सोरठि बाणी भगत कबीर जी की घरु १ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥जब जरीऐ तब होए भसम तनु रहै किरम दल खाई ॥ काची गागरि नीरु परतु है इआ तन...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 13 जुलाई 2024
जिस कउ बिसरै प्रानपति दाता सोई गनहु अभागा ॥ चरन कमल जा का मनु रागिओ अमिअ सरोवर पागा ॥१॥ तेरा जनु राम नाम रंगि जागा ॥ आलसु छीजि गइआ सभु...





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