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संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 19 दिसंबर 2025
अंग : 697 जैतसरी महला ४ ॥ जिन हरि हिरदै नामु न बसिओ तिन मात कीजै हरि बांझा ॥ तिन सुंञी देह फिरहि बिनु नावै ओइ खपि खपि मुए करांझा...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 4 नवंबर 2023
वडहंसु महला १ छंत ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ काइआ कूड़ि विगाड़ि काहे नाईऐ ॥ नाता सो परवाणु सचु कमाईऐ ॥ जब साच अंदरि होइ साचा तामि साचा पाईऐ ॥ लिखे...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 18 दसंबर 2023
जैतसरी महला ४ घरु १ चउपदे ੴसतिगुर प्रसादि ॥ मेरै हीअरै रतनु नामु हरि बसिआ गुरि हाथु धरिओ मेरै माथा ॥ जनम जनम के किलबिख दुख उतरे गुरि नामु दीओ...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 13 जुलाई 2025
अंग : 708 राज कपटं(ग) रूप कपटं(ग) धन कपटं(ग) कुल गरबतह ॥ संचंति बिखिआ छलं(ग) छिद्रं(ग) नानक बिनु हरि संगि न चालते ॥१॥ पेखंदड़ो की भुलु तुमा दिसमु सोहणा ॥...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 02 फ़रवरी 2026
अंग : 494 ੴ सतिगुर प्रसादि गूजरी महला ४ घरु ३ माई बाप पुत्र सभि हरि के कीए ॥ सभना कउ सनबंधु हरि करि दीए ॥१॥ हमरा जोरु सभु रहिओ...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 7 मई 2024
धनासरी महला ५ घरु १२ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ बंदना हरि बंदना गुण गावहु गोपाल राइ ॥ रहाउ ॥ वडै भागि भेटे गुरदेवा ॥ कोटि पराध मिटे हरि सेवा ॥१॥...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 8 अगस्त 2024
रागु सोरठि बाणी भगत कबीर जी की घरु १ जब जरीऐ तब होइ भसम तनु रहै किरम दल खाई ॥ काची गागरि नीरु परतु है इआ तन की इहै बडाई...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 21 मार्च 2026
अंग : 479 आसा ॥ काहू दीन्हे पाट पटंबर काहू पलघ निवारा ॥काहू गरी गोदरी नाही काहू खान परारा ॥१॥अहिरख वादु न कीजै रे मन ॥सुक्रितु करि करि लीजै रे...


संधिआ वेले का हुक्मनामा – 23 जुलाई 2024
धनासरी महला ४ ॥ कलिजुग का धरमु कहहु तुम भाई किव छूटह हम छुटकाकी ॥ हरि हरि जपु बेड़ी हरि तुलहा हरि जपिओ तरै तराकी ॥१॥ हरि जी लाज रखहु...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 11 जुलाई 2025
अंग : 721 तिलंग महला १ घरु ३ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ इहु तनु माइआ पाहिआ पिआरे लीतड़ा लबि रंगाए ॥ मेरै कंत न भावै चोलड़ा पिआरे किउ धन सेजै...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 10 सतंबर 2023
धनासरी महला १ ॥ जीवा तेरै नाइ मनि आनंदु है जीउ ॥ साचो साचा नाउ गुण गोविंदु है जीउ ॥ गुर गिआनु अपारा सिरजणहारा जिनि सिरजी तिनि गोई ॥ परवाणा...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 30 अगस्त 2023
ੴ सति नामु करता पुरखु निरभउ निरवैरु अकाल मूरति अजूनी सैभं गुर प्रसादि ॥ रागु गोंड चउपदे महला ४ घरु १ ॥ जे मनि चिति आस रखहि हरि ऊपरि ता...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 14 फ़रवरी 2026
अंग : 696 जैतसरी महला ४ घरु १ चउपदे ੴसतिगुर प्रसादि ॥ मेरै हीअरै रतनु नामु हरि बसिआ गुरि हाथु धरिओ मेरै माथा ॥ जनम जनम के किलबिख दुख उतरे...




संधिआ वेले का हुक्मनामा – 19 अक्टूबर 2024
धनासरी महला ५ ॥ जिनि कीने वसि अपुनै त्रै गुण भवण चतुर संसारा ॥ जग इसनान ताप थान खंडे किआ इहु जंतु विचारा ॥१॥ प्रभ की ओट गही तउ छूटो...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 15 जुलाई 2026
अंग : 682 धनासरी महला ५ ॥ अउखी घड़ी न देखण देई अपना बिरदु समाले ॥ हाथ देइ राखै अपने कउ सासि सासि प्रतिपाले ॥१॥ प्रभ सिउ लागि रहिओ मेरा...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 8 दसंबर 2023
सलोकु मः ४ ॥ गुरमुखि अंतरि सांति है मनि तनि नामि समाइ ॥ नामो चितवै नामु पड़ै नामि रहै लिव लाइ ॥ नामु पदारथु पाइआ चिंता गई बिलाइ ॥ सतिगुरि...





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