संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 29 मई 2025
अंग : 682 धनासरी महला ५ ॥* *अउखी घड़ी न देखण देई अपना बिरदु समाले ॥ हाथ देइ राखै अपने कउ सासि सासि प्रतिपाले ॥१॥ प्रभ सिउ लागि रहिओ मेरा...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 28 मई 2025
अंग : 696 जैतसरी महला ४ घरु १ चउपदे ੴसतिगुर प्रसादि ॥ मेरै हीअरै रतनु नामु हरि बसिआ गुरि हाथु धरिओ मेरै माथा ॥ जनम जनम के किलबिख दुख उतरे...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 27 मई 2025
अंग : 656 सोरठि ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ बहु परपंच करि पर धनु लिआवै ॥ सुत दारा पहि आनि लुटावै ॥१॥ मन मेरे भूले कपटु न कीजै ॥ अंति निबेरा...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 26 मई 2025
अंग : 709 सलोक ॥ पतित पुनीत गोबिंदह सरब दोख निवारणह ॥ सरणि सूर भगवानह जपंति नानक हरि हरि हरे ॥१॥ छडिओ हभु आपु लगड़ो चरणा पासि ॥ नठड़ो दुख...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 26 मई 2025
अंग : 601 सोरठि महला ३ ॥ हरि जीउ तुधु नो सदा सालाही पिआरे जिचरु घट अंतरि है सासा ॥ इकु पलु खिनु विसरहि तू सुआमी जाणउ बरस पचासा ॥...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 25 मई 2025
अंग : 621 सोरठि महला ५ घरु ३ चउपदे* *ੴ सतिगुर प्रसादि ॥* *मिलि पंचहु नही सहसा चुकाइआ ॥ सिकदारहु नह पतीआइआ ॥ उमरावहु आगै झेरा ॥ मिलि राजन राम...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 25 मई 2025
अंग : 668 धनासरी महला ४ ॥ कलिजुग का धरमु कहहु तुम भाई किव छूटह हम छुटकाकी ॥ हरि हरि जपु बेड़ी हरि तुलहा हरि जपिओ तरै तराकी ॥१॥ हरि...




संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 24 मई 2025
अंग : 685 धनासरी महला ९ ॥ अब मै कउनु उपाउ करउ ॥ जिह बिधि मन को संसा चूकै भउ निधि पारि परउ ॥१॥ रहाउ ॥ जनमु पाइ कछु भलो...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 24 मई 2025
अंग : 823 बिलावलु महला ५ ॥ ऐसे काहे भूलि परे ॥ करहि करावहि मूकरि पावहि पेखत सुनत सदा संगि हरे ॥१॥ रहाउ ॥ काच बिहाझन कंचन छाडन बैरी संगि...


संधिया ​​वेले का हुक्मनामा – 23 मई 2025
अंग : 678 धनासरी महला ५ ॥ जिनि तुम भेजे तिनहि बुलाए सुख सहज सेती घरि आउ ॥ अनद मंगल गुन गाउ सहज धुनि निहचल राजु कमाउ ॥१॥ तुम घरि...




अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 23 मई 2025
अंग : 696 जैतसरी महला ४ घरु १ चउपदे ੴसतिगुर प्रसादि ॥ मेरै हीअरै रतनु नामु हरि बसिआ गुरि हाथु धरिओ मेरै माथा ॥ जनम जनम के किलबिख दुख उतरे...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 22 मई 2025
अंग : 704-705 जैतसरी महला ५ घरु २ छंत ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ सलोकु ॥ ऊचा अगम अपार प्रभु कथनु न जाइ अकथु ॥ नानक प्रभ सरणागती राखन कउ समरथु...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 21 मई 2025
अंग : 785 सलोकु मः ३ ॥ सूहै वेसि दोहागणी पर पिरु रावण जाइ ॥ पिरु छोडिआ घरि आपणै मोही दूजै भाइ ॥ मिठा करि कै खाइआ बहु सादहु वधिआ...




संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 20 मई 2025
अंग : 645 सलोकु मः ३ ॥ सतिगुर ते जो मुह फिरे से बधे दुख सहाहि ॥ फिरि फिरि मिलणु न पाइनी जमहि तै मरि जाहि ॥ सहसा रोगु न...


अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 19 मई 2025
अंग : 682 धनासरी महला ५ ॥ जिस कउ बिसरै प्रानपति दाता सोई गनहु अभागा ॥ चरन कमल जा का मनु रागिओ अमिअ सरोवर पागा ॥१॥ तेरा जनु राम नाम...


संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 18 मई 2025
अंग : 696 जैतसरी महला ४ घरु १ चउपदे ੴसतिगुर प्रसादि ॥ मेरै हीअरै रतनु नामु हरि बसिआ गुरि हाथु धरिओ मेरै माथा ॥ जनम जनम के किलबिख दुख उतरे...





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