संधिआ वेले का हुक्मनामा – 04 जुलाई 2026
अंग : 628 सोरठि महला ५ ॥ ऐथै ओथै रखवाला ॥ प्रभ सतिगुर दीन दइआला ॥ दास अपने आपि राखे ॥ घटि घटि सबदु सुभाखे ॥१॥ गुर के चरण ऊपरि...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 25 जून 2026
अंग : 679 धनासरी महला ५ ॥ जा कउ हरि रंगु लागो इसु जुग महि सो कहीअत है सूरा ॥ आतम जिणै सगल वसि ता कै जा का सतिगुरु पूरा...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 05 जनवरी 2026
अंग : 830 रागु बिलावलु महला ५ घरु १३ पड़ताल ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ मोहन नीद न आवै हावै हार कजर बसत्र अभरन कीने ॥ उडीनी उडीनी उडीनी ॥ कब...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 23 मार्च 2024
सोरठि महला ५ ॥ गुर अपुने बलिहारी ॥ जिनिपूरन पैज सवारी ॥ मन चिंदिआ फलु पाइआ ॥ प्रभु अपुना सदा धिआइआ ॥१॥ संतहु तिसु बिनुअवरु न कोई ॥ करण कारण...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 15 दसंबर 2023
आसा बाणी भगत धंने जी की ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ भ्रमत फिरत बहु जनम बिलाने तनु मनु धनु नही धीरे ॥ लालच बिखु काम लुबध राता मनि बिसरे प्रभ हीरे...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 1 दसंबर 2023
धनासरी महला ४ ॥ मेरे साहा मै हरि दरसन सुखु होइ ॥ हमरी बेदनि तू जानता साहा अवरु किआ जानै कोइ ॥ रहाउ ॥ साचा साहिबु सचु तू मेरे साहा...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 08 सितंबर 2026
अंग : 666 धनासरी महला ४ घरु १ चउपदे ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ जो हरि सेवहि संत भगत तिन के सभि पाप निवारी ॥ हम ऊपरि किरपा करि सुआमी रखु...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 03 दिसंबर 2025
अंग : 674 धनासिरी महला ५ ॥ अब हरि राखनहारु चितारिआ ॥ पतित पुनीत कीए खिन भीतरि सगला रोगु बिदारिआ ॥१॥ रहाउ ॥ गोसटि भई साध कै संगमि काम क्रोधु...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 25 नवंबर 2025
अंग : 804 बिलावलु महला ५ ॥ तनु मनु धनु अरपउ सभु अपना ॥ कवन सु मति जितु हरि हरि जपना ॥१॥ करि आसा आइओ प्रभ मागनि ॥ तुम्ह पेखत...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 20 जुलाई 2024
धनासरी महला ५ ॥ मेरा लागो राम सिउ हेतु ॥ सतिगुरु मेरा सदा सहाई जिनि दुख का काटिआ केतु ॥१॥ रहाउ ॥ हाथ देइ राखिओ अपुना करि बिरथा सगल मिटाई...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 29 नवंबर 2023
रागु धनासिरी महला ३ घरु ४ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ हम भीखक भेखारी तेरे तू निज पति है दाता ॥ होहु दैआल नामु देहु मंगत जन कंउ सदा रहउ रंगि...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 19 सितंबर 2026
अंग : 678 धनासरी महला ५ ॥ जिनि तुम भेजे तिनहि बुलाए सुख सहज सेती घरि आउ ॥ अनद मंगल गुन गाउ सहज धुनि निहचल राजु कमाउ ॥१॥ तुम घरि...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 05 सितंबर 2026
अंग : 656 सोरठि ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ बहु परपंच करि पर धनु लिआवै ॥ सुत दारा पहि आनि लुटावै ॥१॥ मन मेरे भूले कपटु न कीजै ॥ अंति निबेरा...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 21 अगस्त 2026
अंग : 702 जैतसरी महला ५ ॥ आए अनिक जनम भ्रमि सरणी ॥ उधरु देह अंध कूप ते लावहु अपुनी चरणी ॥१॥ रहाउ ॥ गिआनु धिआनु किछु करमु न जाना...
अमृत वेले का हुक्मनामा – 19 अगस्त 2026
अंग : 598 सोरठि महला १ ॥ जिसु जल निधि कारणि तुम जगि आए सो अम्रितु गुर पाही जीउ ॥ छोडहु वेसु भेख चतुराई दुबिधा इहु फलु नाही जीउ ॥१॥...
संधिआ वेले का हुक्मनामा – 22 जून 2026
अंग : 654 रागु सोरठि बाणी भगत कबीर जी की घरु १ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ जब जरीऐ तब होए भसम तनु रहै किरम दल खाई ॥ काची गागरि नीरु...
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